संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कोरोना काल में लगभग सभी व्यवसायों पर संकट आया है। ब्रिकी घटने व अन्य खर्चे जारी होने से व्यवसायियों को दिक्कतें हो रही है। कोरोना के कारण फर्नीचर व्यापार पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। फर्नीचर कारोबारियों के अनुसार वर्ष भर में होने वाले करोड़ों का कारोबार अब लाखों में सिमट गया है।
20 से 25 प्रतिशत ही कारोबार
बड़ौत नगर में छोटी-बड़ी लगभग 20 फर्नीचर की दुकानें है। लॉकडाउन लगने से पहले सामान्य दिनों में प्रत्येक महीने एक शोरूम व्यवसायी तकरीबन डेढ़ से दो लाख का कारोबार करता था। लॉकडाउन व अनलॉक काल में दुकानों को बंद रखने से कारोबार को झटका लगा।
क्या कहते है कारोबारी
कारोबारी ओमपाल गुप्ता का कहना है कि व्यवसाय को सबसे ज्यादा झटका सीमित संख्या में शादियों के होने से भी लगा है। लगन के समय पलंग, सोफा, ड्रेसिंग सहित अन्य फर्नीचरों की जमकर ब्रिकी होती थी, इस वर्ष पूरा सीजन बेकार बीत गया।
कारोबारी मनोज जैन व अशोक कुमार जैन का कहना है कि छह माह में केवल 20 से 25 प्रतिशत ही कारोबार हुआ है। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, करनाल हरियाणा, गाजियाबाद, लोनी, सोनीपत आदि जगहों से फर्नीचर खरीदा व बेचा जाता था, लेकिन अब हर कोई कोरोना की चपेट में है। स्टाफ का खर्च संभालना भी मुश्किल हो रहा है।