बागपत। खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल चल रहा है। विभाग को एक साल में 216 नमूनों की रिपोर्ट मिली है, इनमें से 128 नमूने फेल हुए हैं। खाद्य विभाग की ओर से 142 वाद दायर कर मिलावट खोरों पर 17.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जिले में दूध, खोया के साथ दाल, तेल और मसालों में मिलावट का खेल चल रहा है। जिले में खाद्य विभाग की ओर से 157 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। वही शासन से 216 नमूनों की रिपोर्ट मिली है। इनमें से 128 नमूने मानक के अनुरुप नहीं आए। फेल हुए नमूनों में 86 नमूने अधोमानक, 31 नमूने असुरक्षित और 11 नमूने मिथ्याछाप मिले हैं। सबसे अधिक खोया के 40 और दूध के 26 नूमने फेल हुए हैं।
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दूध में पानी तो खोया में रिफाइंड की मिलावट
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जिले में सबसे अधिक दूध में पानी की मिलावट की जा रही है। इसके अलावा जांच में पाया गया है कि रिफाइंड और मिल्क पाउडर मिलाकर खोया तैयार कराया जा रहा है।
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- 17.50 लाख का जुर्माना
खाद्य विभाग की ओर से जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ 144 बाद दायर किए गए है। इनमें 102 वाद एडीएम कोर्ट और 42 वाद एसीजेएम कोर्ट में दायर किए गए हैं। कोर्ट की ओर से इन पर 17.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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दूसरे राज्यों से आने वाला खोया और पनीर सबसे खराब
यहां आसपास के जिलों से सप्लाई होने वाला खोया और पनीर में सबसे अधिक मिलावट मिल रही है। विभाग की ओर से चेकिंग अभियान के दौरान दूसरे जिलों से सप्लाई होने वाले मावा और पनीर में अधिक मिलावट का खेल हो रहा है।
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यह होता है नुकसान
चिकित्सकों का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पेट, आंत, किडनी और त्वचा के अलावा लीवर को नुकसान होता है। केमिकल युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से केमिकल खून में मिलकर पूरे शरीर को प्रभावित करता है। इसका सेवन करने से आंखों और त्वचा की बीमारी की सबसे अधिक परेशानी होती है। साथ ही पाचनतंत्र भी कमजोर हो जाता है।
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एक साल में लिए गए नमूने
पदार्थ
नमूने
फेल
दूध
24 26
खोया
38 40
मिठाई
11 10
पनीर
14 12
दाल, तेल
14 8
कुल
101 96
वर्जन- मिलावट खोरों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। एक साल में 17 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। विभाग की ओर से चेकिंग अभियान चलाकर मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मानवेंद्र सिंह, सहायक खाद्य अधिकारी
-मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पूरा शरीर प्रभावित होता है। इनका सबसे अधिक असर लीवर, किडनी और आंत पर पड़ता है। कैमिकलयुक्त पदार्थ खाने से गंभीर रोग होने की खतरा बढ़ जाता है। - डॉ. विभाष राजपूत, सीएचसी अधीक्षक