जनपद में बुखार कहर बनकर टूट रहा है। बृहस्पतिवार को रमाला क्षेत्र के सूप गांव में एक किशोरी और एक वृद्धा जबकि खेकड़ा नगर समेत ललियाना गांव में दो लोगों की मौत हो गई।
सूप गांव के छह लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में बुखार से पीड़ित है। लोग दहशत में है और अपने बच्चों को रिश्तेदारी में भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
सूप गांव की महिला अक्तरी (62), पांच दिन से बुखार से ग्रस्त थी। परिजन उसका निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह उसकी अचानक हालत बिगड़ गई है। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इसी गांव के राजीव की बेटी रितु (12) को सात दिन से बुखार था।
परिजनों ने पहले उसका गांव केनिजी चिकित्सक से उपचार कराया। हालत में सुधार न होने पर उसे दिल्ली के लेकर रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार की दोपहर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
लोगों ने बताया कि तीन सप्ताह के अंदर गांव के सरदार सिंह, रवि, दीपांशी, फौजी इलम चंद, मांगेराम और कालूराम की बुखार से मौत हो चुकी है। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग अभी भी बुखार से पीड़ित है। आरोप है कि इतना होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा है। न गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया और न ही कीटनाशक दवाई का छिड़काव हुआ है।
दहशत से लोगों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारियों मेें भेजने की तैयारी कर ली है। उधर, जैन कालेज मार्ग निवासी राज मिस्त्री ओमबीर(60) को भी तीन दिन से बुखार था। बुधवार की शाम उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि ओमवार को कैंसर भी था, जिसका उपचार दिल्ली में चल रहा था। परिवार में गम का माहौल है।
वहीं खेकड़ा क्षेत्र के गांव ललियाना निवासी 11 वर्षीय छात्रा सोनी पुत्री बबलू को कई दिन से बुखार था। प्राइवेट चिकित्सक से उसका उपचार कराया जा रहा था। बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में चिकित्सा शिविर लगवाने की मांग की है।
इस बारे में सीएमओ रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। बुखार पर काफी कंट्रोल पा लिया गया है। हरचंदपुर गांव से बुखार के तीन केस आए है। डेंगू की जांच के लिए उनका सैंपल लिया गया है।