23 साल पूर्व दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या के विरोध में किया था हाईवे जाम
संवाद न्यूज एंजेसी
बागपत। 23 साल पूर्व हाईवे जाम करने के मामले में भाजपा नेता संजय रुहेला, रामू हलवाई सहित चार आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निशांत मान की कोर्ट से चारों को जमानत मिल गई है।
भाजपा निकाय प्रकोष्ठ के जिला संयोजक संजय रूहेला ने बताया कि अदालत ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। उन्हें और रामलाल उर्फ रामू हलवाई, रामपाल चौधरी और व्यापारी नेता नंदलाल डोगरा के भाई शत्रुधन डोगरा को जमानत दे दी है। उन्होंने बताया कि 1997 में बागपत कोतवाली क्षेत्र की एक युवती की दुष्कर्म के बाद दूसरे वर्ग के आरोपियों ने हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो लोगों ने दिल्ली-यमनौत्री हाईवे स्थित राष्ट्रवंदना चौक पर जाम लगाकर हंगामा किया था। उस समय अमीनगर सराय पुलिस ने जाम लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। वर्ष 2000 में जाम लगाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे हो गया था। कुछ समय पूर्व हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे खारिज हो गया था। इसका पता जब चला अदालत से नोटिस घर पहुंचा, जिसके बाद जमानत कराई गई है।
15 के खिलाफ हुआ था मुकदमा दर्ज
बागपत। संजय ने बताया कि 1997 में वह शिव सेना में ब्लॉक अध्यक्ष के पद पर थे। इसमें शिव सेना कार्यकर्ताओं समेत 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें उनके अलावा कांग्रेस नेत्री लता चौधरी, नीरू ठाकुर, मनोज चौधरी, प्रेमपाल चौहान, सतेंद्र शर्मा, देवी कश्यप, बिल्लू , सुरेश, रामलाल हलवाई, शत्रुघन डोगरा, रामपाल चौधरी, ओमप्रकाश वर्मा, राजपाल, सुनील, श्याम, आदि शामिल थे।