10.150 किमी लंबे मार्ग के सात मीटर चौड़ीकरण के लिए 17.23 करोड़ की धनराशि स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बड़ौत-कोताना मार्ग के चौड़ीकरण की क्षेत्रवासियों की मांग आखिरकार जल्द पूरी होने वाली है। बृहस्पतिवार को बड़ौत विधायक केपी मलिक ने शिलान्यास कर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द इस मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कराए जाने के निर्देश दिए।
विधायक केपी मलिक व नगरपालिका अध्यक्ष अमित राणा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया। बता दें कि वर्षों से क्षेत्रवासी इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए मांग उठा रहे थे। विधायक केपी मलिक के समक्ष भी क्षेत्रवासियों ने यह मांग रखी। जिसके बाद विधायक केपी मलिक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर समस्या से अवगत कराया। जिसके बाद इस मार्ग के निर्माण के लिए 17.23 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई। विधायक केपी मलिक ने बताया कि इस मार्ग की लंबाई 10.150 किमी है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सूरजपाल, चैयरमैन अमित राणा, जसवीर सौलंकी, बिजेंद्र शर्मा, राकेश जैन, वीरेश, सचिन, रविंद्र राठी, सत्यव्रत आर्य, मनोज कटारिया, पवन शर्मा मीडिया प्रभारी, राकेश, रवि पालीवाल, अनिल, आकाश बंसल, बिटटू प्रधान खामपुर, रविंद्र प्रधान, संजीव तोमर प्रधान गूंगाखेडी, कृष्णपाल प्रधान जौनमाना, बालेश्वर प्रधान कोताना, राजकुमार प्रधान, ब्रजपाल प्रधान, वीर सिंह प्रधान, अनिल कश्यप, अमित राठी, जगमोहन, बाबूराम, इकबाल मलिक, उदयभान, उदयवीर, बाबू, विजय, संजय शामिल रहे।
युवाओं में खुशी की लहर
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बड़ौत। जौनमाना गांव के आशुतोष तोमर उर्फ गोल्डी का कहना है कि पांच वर्षों से यह मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। गांव से बड़ौत की दूरी कुल 3 किलोमीटर है, लेकिन गांव से बड़ौत पहुंचने में 20 से 25 मिनट लग जाती है। गड्ढों के कारण आए दिन वाह चालकों के साथ घटनाएं भी हो रही है। जल्द मार्ग का निर्माण होना चाहिए। ढ़िकाना गांव के राहुल प्रधान व भूपेंद्र के अलावा जयकुमार व विक्की तोमर का कहना है कि मार्ग काफी खराब हो चुका है। दिल्ली, मेरठ, सोनीपत, हरियाणा, मुजफ्फरनगर आदि जगहों पर जाने के लिए पहले बड़ौत आना पड़ता है, लेकिन मार्ग के टूटने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
इस मार्ग से जुडे़ गांव
बड़ौत। जौनमाना, ढिकाना, बोहला, लुहारी, खामपुर, राजपुर, कोताना, जागोस सहित अन्य दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोग रोजाना इस मार्ग से आवागमन करते है।