बागपत। यहां मंगलवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिसने लोगों की हालत खराब कर दी है। यह इस मौसम में पहली बार है जब पारा इस स्तर पर पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस सप्ताह तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे तपिश और बढ़ेगी।
बागपत में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिसने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मई के तीसरे सप्ताह में ही पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस मौसम का अब तक का सर्वाधिक तापमान है। सुबह से ही तेज धूप और तपिश लोगों की दिनचर्या को बाधित कर रही है। घरों से बाहर निकलते ही लोगों को लू के थपेड़े लगने लगते हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय बाजारों में लोगों की भीड़ काफी कम देखी जा रही है, क्योंकि लोग अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बच रहे हैं। गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए जूस, शिकंजी, खीरा और तरबूज जैसे ठंडे पेय पदार्थों और फलों का सहारा ले रहे हैं। घरों में लगे कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे अंदर भी राहत नहीं मिल पा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। इस सप्ताह तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। दोपहर के समय लू चलने की भी आशंका है, जिससे बाहर निकलने वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। फिलहाल गर्मी से तत्काल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अघोषित बिजली कटौती से बढ़ रही परेशानी
बागपत। भीषण गर्मी और उमस के कारण बिजली कटौती ने जिले में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर से लेकर गांवों तक लगातार हो रही ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से लोग दिन-रात परेशान हैं। इससे लोगों की नींद खराब हो रही है और घरों में बेचैनी बढ़ रही है।
बिजली की समस्या ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। रात के समय बार-बार बिजली गुल होने से लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। पंखे और कूलर बंद होने से घरों में उमस और गर्मी बढ़ जाती है। शहर के कोर्ट सड़क निवासी राजू ने बताया कि रात में बिजली जाने से नींद पूरी नहीं हो पाती। मिंटू और राहुल जैसे अन्य निवासियों ने भी इसी तरह की शिकायतें कीं। उनका कहना है कि बिजली विभाग को इस समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की