बागपत में जरूरतमंदों को कंबल वितरित करना अधिकारियों एवं सपाइयों के लिए मुसीबत बन गया। कंबलों को लेकर जमकर छीनाझपटी और मारपीट हुई, जिससे भगदड़ मच गई। लोग एक दूसरे पर गिर पड़े। कई महिलाएं गिरकर दब गईं। बच्चों को भी चोटें आईं। अधिकारियों और नेताओं के कपड़े फटने की नौबत आ गई तो किसी प्रकार तहसीलदार के कक्ष में जाकर अपनी जान बचाई।
मंगलवार को उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने तहसील परिसर में सरकार द्वारा दिए गए बजट से कंबल वितरण का कार्यक्रम रखा। कंबल लेने के लिए दोपहर 12 बजे से ही लोग पहुंचने शुरू हो गए। कंबलों के लिए लगी भीड़ में अधिकांश महिलाएं एवं बच्चे शामिल थे। लगभग तीन बजे समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉक्टर एसपी यादव, नगर अध्यक्ष भूरू सभासद, मनोज तोमर, विकास शर्मा पहुंचे और एसडीएम राकेश कुमार सिंह एवं तहसीलदार अशोक चौधरी के साथ कंबलों का वितरण शुरू कराया।
जैसे ही 50 कंबलों को वितरण के लिए लाया गया, अचानक लोग कंबलों पर झपट पड़े। पुलिस की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों में छीनाझपटी मच गई। अधिकारी और नेता इससे पहले कि कुछ समझ पाते कंबलों को लेकर मारपीट तक होने लगी। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग भीड़ में दब गए। अधिकारियों ने तहसील का गेट तक बंद करा दिया। काफी मुश्किल से स्थिति पर नियंत्रण किया गया।
हालांकि जैसे ही दोबारा 80 कंबल मंगाए गए, फिर से लोग कंबलों पर झपट पड़े। यहां तक कि अधिकारियों एवं नेताओं के कपड़े फटने तक की नौबत आ गई। किसी प्रकार उन्होंने तहसीलदार कक्ष में पहुंचकर और अंदर से दरवाजा बंद करके अपनी जान बचाई। बुधवार को कंबलों का फिर से वितरण कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
चीखों से गूंज उठा तहसील परिसर
कंबलों के वितरण के दौरान मची भगदड़ और छीनाझपटी में महिलाएं एवं बच्चे दब गए। महिलाएं चीखती रहीं, किसी के सीने में चोट आई तो किसी के पैर कुचल गए, बुजुर्ग रामवती की पीठ मेें चोट आई, बानो के सीने में चोट लगने से काफी देर तक बिलखती रही। बुजुर्ग शमीना के पैरों में चोट लगी। गुलबानो, अफसाना समेत आठ-नौ महिलाएं एवं बच्चे घायल हो गए। लगभग आधा घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। महिलाओं और बच्चों की चीखों से पूरा तहसील परिसर गूंजता रहा।
पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा
अनियंत्रित हुई भीड़ को काबू करने के लिए अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को तहसील से बाहर खदेड़ा। अधिकारियों ने बुधवार को भी कंबलों के वितरण का आश्वासन दिया। उसके बाद ही लोग शांत हो सके।
सूची 210 की, कंबल आए 50
छीनाझपटी मचने का कारण कंबलों की कमी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सूची तो 210 लोगों की थी, जबकि कंबल पहले सिर्फ 50 ही पहुंचे थे। इस कारण छीनाझपटी हो गई। बाद में भी 80 कंबल ही मंगाए गए।