बागपत। जिले में बृहस्पतिवार सुबह को दूसरे दिन भी घना कोहरा छाया रहा। इससे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई और वाहनों की लाइटें जलानी पड़ीं। कोहरे के कारण सांस व गले के मरीजों की परेशानी बढ़ गई और जिला अस्पताल में अन्य दिनों के मुकाबले इन बीमारियों के ज्यादा मरीज पहुंचे।
यहां बुधवार सुबह को पहली बार कोहरा छाया था तो दोपहर में वह छंट गया था। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह भी कोहरा छाया रहा। इससे लोगों को ठंडक का अहसास हुआ और लोग गर्म कपड़े पहनकर घर से बाहर निकले। वहीं कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। सुबह घना कोहरा होने के कारण मेरठ-बागपत हाईवे, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे और ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई। कुछ वाहन चालक लाइट जलाकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। कोहरा छंटने पर दोपहर को धूप खिलने पर लोगों ने राहत महसूस की।
- सांस व गले के रोगी अस्पताल में बढ़े
ईएनटी डाॅ. सुनील कुमार का कहना है कि सांस के मरीज को कोहरे के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और जरूरी होने पर सिर व शरीर को ढककर ही बाहर निकलना चाहिए। इसके अलावा सुबह को टहलने से परहेज करें और रात में शरीर का तापमान बाहर के तापमान के अनुसार होने पर ही बिस्तर छोड़ना चाहिए। उन्होंने मरीजों को गुनगुने पानी का सेवन करने और सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेने की सलाह दी है। उनके अनुसार कोहरे के कारण सांस व गला खराब होने के मरीज बृहस्पतिवार को अस्पताल में बढ़ गए। जहां सामान्य 200 तक मरीज पहुंच रहे थे, वहीं बृहस्पतिवार को यह आंकड़ा 300 तक रहा।
- प्रदूषण के कारण भी बढ़ रही परेशानी
यहां कोहरे के साथ ही प्रदूषण भी बढ़ रहा है और बृहस्पतिवार को एक्यूआई 340 तक रहा। इससे भी लोगों की परेशानी बढ़ रही है और गले में समस्या व आंखों में जलन लोगों को होने लगी है। चिकित्सक उससे भी बचने के लिए लोगों को सलाह दे रहे हैं।