बड़ौत (बागपत)। यूपी बोर्ड परीक्षा के शुरू होने में छह दिन शेष है। मगर, अभी तक भी हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे करीब तीन हजार विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र की खामियां दुरुस्त नहीं हो पाई है। ऐसे परीक्षार्थियों का तनाव दोगुना हो गया है। इन खामियों को दूर कराने के लिए छात्र स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। उधर, बोर्ड परीक्षा प्रभारी का कहना है कि शासन से इस संबंध में गाइडलाइन नहीं मिली है, प्रधानाचार्यों को ही त्रुटियां ठीक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी परीक्षार्थी और उनके माता-पिता के नाम दर्ज किए गए है। इसके चलते बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के नाम के साथ ही माता-पिता के नाम में गड़बड़ी मिली है। हाईस्कूल के ही करीब तीन हजार विद्यार्थियों के प्रवेश पत्रों में यह गड़बड़ी मिली है। किसी विद्यार्थी का नाम पिता की जगह दर्ज कर दिया गया है तो किसी की माता के नाम पर पिता का नाम। हिंदी और अंग्रेजी में दर्ज नामों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी है। जिले में पहुंचे प्रवेश पत्रों को देखने के बाद शिक्षा विभाग के अफसरों सहित परीक्षार्थी भी परेशान हैं। जबकि परीक्षा शुरू होने में महज छह दिन बच गए हैं। बावली, मलकपुर, बिजरौल, बड़ौत, लौहड्डा आदि गांवों के काफी संख्या में छात्र प्रवेश पत्र सही कराने कॉलेज पहुंचे तो उन्हें मायूस ही लौटना पड़ा।
प्रधानाचार्य ही करेंगे प्रवेश पत्रों की त्रुटि ठीक
परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रों में आई त्रुटियों को ठीक करने के लिए बोर्ड की ओर से अभी तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। परीक्षा का समय नजदीक है, इसलिए छात्रों के प्रवेश पत्रों को सही कराने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों को दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर प्रधानाचार्य ही छात्रों के प्रवेश पत्रों की खामियों को दूर करेंगे। - जयप्रकाश रूहेला, बोर्ड परीक्षा प्रभारी।