निसार हत्याकांड:
- वर्ष 2020 में प्रधान पद की चुनावी रंजिश में निवाड़ा गांव में की गई थी हत्या, 11 हत्यारों को सुनाई गई थी आजीवन कारावास की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। निवाड़ा गांव के निसार हत्याकांड में जेल में बंद सजायाफ्ता पांच बंदियों को दो बेटियों की शादी के लिए एक सप्ताह की पैरोल मिल गई। इन पांचों को पुलिस कस्टडी में गांव लाया गया। जेल में वापस जाने तक पांचों बंदी पुलिस की निगरानी में रहेंगे।
निवाड़ा की पूर्व प्रधान जुलेखा के जेठ हारुन राणा ने मई 2020 में बागपत कोतवाली में अपने भाई निसार की हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि प्रधान पद के चुनाव की रंजिश में पूर्व प्रधान जुलेखा के जेठ निसार, हारुन, चचिया ससुर अंगूर, देवर महकार, इखलाक पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। वहां पर गोली मारकर निसार की हत्या कर दी गई, जबकि अंगूर, महकार, अफसरी घायल हो गईं थीं। पुलिस ने 23 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और छह आरोपियों के नाम विवेचना में प्रकाश में आए।
मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर 10 अप्रैल 2024 को न्यायाधीश ने जुल्फिकार उर्फ भुट्टो, इबने, इस्लामुद्दीन, इस्तकार, छोटे, जुम्मा, फारूख, महताब, तौहिद, सुहेल और इसरार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जेल में बंद इस्लामुद्दीन ने दो बेटियों की शादी के लिए पैरोल की मांग की, जिनकी 22 नवंबर को शादी होनी है। इसमें उच्च न्यायालय ने सजायाफ्ता इस्लामुद्दीन, उसके भाई इबने, जुल्फिकार उर्फ भुट्टो, इसरार और बेटे सुहैल को 20 से 25 नवंबर तक पैरोल की मंजूरी दे दी। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि पैरोल की अवधि पूरी होने पर पांचों पुलिस की निगरानी में रहेंगे।