बागपत। यहां गांवों में विकास कार्यों में किस-किस तरह से घपले हो रहे हैं। उसे देखकर हर कोई चौंक सकता है। यहां निविदा जारी करने से घपला शुरू होता है और कार्य पूरा कराने के बाद लाखों रुपये के भुगतान तक लगातार किया जाता है। स्थिति यह है कि पहले कार्य कराए जा रहे हैं और फिर निविदा जारी हो रही हैं। फर्मों को नियम विरुद्ध कार्य दिया जा रहा है। अब जांच में मामला सामने आने पर शिकंजा कसने की तैयारी है। ओढ़ापुर गांव में विकास कार्यों में घपलों की शिकायत की गई। इसकी जांच के लिए जिला विकास अधिकारी अखिलेश चौबे, सहायक अभियंता जल निगम दीपक कुमार के साथ गांव में गए। वहां कई वाटर कूलर लगवाए गए हैं, इनमें ठेकेदार का वर्क ऑर्डर में निविदा जारी करने की तिथि पहले की दर्शा दी गई। जबकि सचिव ने फाइल में निविदा बाद में जारी होने की तिथि दिखाई है। तीन वाटर कूलर लगाए गए थे, जिनकी अलग-अलग की एक लाख 17 हजार रुपये कीमत थी।
यह बाजार कीमत से ज्यादा बताई गई और इन पर आरओ भी नहीं लगा था। इसलिए वाटर कूलर बंद पड़े थे। जिस कृष्णा इंटरप्राइजेज को टेंडर दिए गए, उसके कागज भी पूरे नहीं थे। इस तरह ही श्री श्याम इंटरप्राइजेज को दिए गए टेंडर में गड़बड़ी की गई है। लाखों रुपये से हैंडपंप रिबोर के लिए वर्क ऑर्डर में फर्म का नाम तक नहीं लिखा गया और कागजों में निविदा की तिथि में तीन महीने का अंतर दिखाया गया है। इस तरह चार लाख रुपये से बनवाई गई सीसी रोड में निविदा की तारीख का जिक्र तक नहीं किया गया। इस तरह निविदा से शुरू हुआ घपला कार्य कराने तक किया गया। (संवाद)