घटनास्थल का निरीक्षण करते डीआईजी कलानिधि नैथानी और डीएम अस्मिता लाल। संवाद
बड़ौत/बागपत। निर्वाण महोत्सव के दौरान हादसे में घायलों के उपचार व मृतकों के परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारी उनके घर पहुंचे। प्रशासन ने निजी अस्पताल में घायलों के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली और इसके लिए डीएम अस्मिता लाल ने अस्पताल संचालकों को निर्देश जारी किए हैं।
घायलों का उपचार के बाद इस पूरे मामले में लापरवाह मिलने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है। इसके लिए ही मजिस्ट्रीयल जांच शुरू की गई है। महोत्सव की अनुमति मनोज जैन के नाम से ली गई थी। मगर, उसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि वहां इस तरह से मचान लगाया जाएगा और इतनी भीड़ वहां रहेगी, इस बारे में भी नहीं बताया गया था। इस कारण ही वहां व्यवस्थाएं भी नहीं दिखाई दीं।
जांच में शामिल अधिकारी यह देखेंगे कि घटना का क्या कारण रहा और घटनास्थल पर क्या कमियां थीं। क्योंकि बताया जा रहा है कि वहां बल्लियां भी अस्थाई रूप से ड्रम में खड़ी कर दी गईं थीं। इस कारण ही पहले ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया गया है। इस जांच रिपोर्ट में अन्य लापरवाह मिलता है तो उसपर भी शिकंजा कसा जाएगा। इसके साथ ही एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट में अधिकारी यह सुझाव भी देंगे कि इस तरह के हादसे रोकने के लिए भविष्य में क्या ध्यान रखना जरूरी है और उसके लिए क्या किया जाए।