बागपत। नगर पालिका की बोर्ड बैठक दूसरी बार ईओ केके भड़ाना और सभासदों के बीच लड़ाई की भेंट चढ़ गई। पिछली बैठक को ईओ ने असंवैधानिक बताकर रद्द कर दिया था। सोमवार को सभासदों ने हंगामा करने के बाद बैठक का बहिष्कार कर दिया। सभासदों ने ईओ पर कार्यालय, आवास पर लाखों रुपये खर्च करने और आठ कर्मियों का वेतन गलत तरीके से निकलवाने का आरोप लगाया।
नगर पालिका की बोर्ड बैठक सोमवार दोपहर को शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही सभासदों ने ईओ केके भड़ाना पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। सभासद भवीचंद कश्यप ने कहा कि शहर के विकास के लिए शासन से आए बजट को खर्च करने में अनियमितता बरती जा रही है। ईओ ने अपने कार्यालय की कुर्सी और मेज ठीक होने के बाद भी लाखों रुपये खर्च करके नया फर्नीचर मंगवा लिया।
इसके अलावा आवास में भी लाखों रुपये से मरम्मत कराई गई। सभासद संजय रुहेला ने आरोप लगाया कि आठ कर्मियों का वेतन निकलवाया जा रहा है, जबकि वह कर्मी नगर पालिका में कार्य नहीं कर रहे हैं। इन सभी मामलों में डीएम के पास शिकायत की गई थी और उसकी जांच चल रही हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, तब तक बैठक नहीं होने दी जाएगी।
वहां सभासदों व ईओ के बीच नोकझोंक भी हुई और सभी सभासद बैठक का बहिष्कार करके बाहर निकल गए। हंगामा करने वालों में मोहनपाल, निगम शर्मा, राजबीर सिंह, सुनीता ढाका, माया चौहान, बिजेंद्र, तालिब आदि मौजूद रहे।