विकास पर राजनीति
- भाजपा के तीन विधायकों ने 24 विकास कार्यों को मंजूर होने के बाद कराया निरस्त
- सहेंद्र रमाला ने 55 कार्यों में 16 तो योगेश धामा ने 26 कार्यों में चार को निरस्त कराया
- बड़ौत विधायक केपी मलिक 30 कार्य मंजूर होने पर चार निरस्त कराकर भी भूल गए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनपद के भाजपा विधायकों के विकास की राजनीति भी खूब चल रही है। विकास कार्य कराने के लिए पहले प्रस्ताव भेजे जाते है और उनके मंजूर होने पर निरस्त करा दिए जाते है। तीनों विधायक अभी तक मंजूर होकर विभागों को पहुंचने के बाद 24 कार्य निरस्त करा चुके है। हालात यह है कि बड़ौत विधायक कार्य निरस्त कराने के बाद भूल भी गए। उधर, तीन विधायक प्राथमिकता वाले कार्यों को पहले कराने को इसका कारण बता रहे है।
विधायक निधि से गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए विधायकों को प्रस्ताव भेजने होते है। ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग में विधायक प्रस्ताव देते है, जिसके बाद उनका बजट तैयार करके मंजूर किया जाता है। लेकिन विकास कार्य मंजूर होने के बाद भी विधायक उनको निरस्त करा रहे है। ऐसा कोई एक विधायक नहीं कर रहा है, बल्कि भाजपा के तीनों विधायकों ने विकास कार्य निरस्त कराए है। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने 55 विकास कार्यों का प्रस्ताव दिया था, जिनके मंजूर होने पर 16 को निरस्त करा दिया गया। यह 16 कार्य करीब एक करोड़ से होने थे। बड़ौत विधायक केपी मलिक ने 30 कार्यों का प्रस्ताव दिया था, जिनके मंजूर होने के बाद चार को निरस्त करा दिया गया। इस तरह ही बागपत विधायक योगेश धामा ने 26 विकास कार्यों का प्रस्ताव दिया था और उनको मंजूर होने के बाद चार निरस्त करा दिए गए। इनमें सड़क, गली, नाली निर्माण के कार्य शामिल है।
कार्य मंजूर होने के बाद निरस्त कराने से होती है परेशानी
ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के एक अधिकारी कहते है कि यह विधायकों का अधिकार क्षेत्र है कि वह किस कार्य को कराए और किसको निरस्त कराए। लेकिन जितने भी कार्यों का प्रस्ताव विधायकों से मिलता है तो उनको दिखवाकर एक अनुमानित बजट बता दिया जाता है। उसके बाद ही इस्टीमेट तैयार करके कार्य की मंजूरी मिलती है। जिसमें काफी वक्त लगता है और कार्य मंजूर होने के बाद निरस्त करने से पूरी मेहनत खराब जाती है। इसके बाद दोबारा वह कार्य जल्दी से मंजूर नहीं होता है।
विकास कार्य के प्रस्ताव ज्यादा देने के कारण कई बार बजट की समस्या रहती है। बजट कम होने के कारण प्राथमिकता वाले कार्य पहले कराने के लिए कहा गया है और जिनको निरस्त कराया गया है, उन्हें जल्द ही दोबारा करा दिया जाएगा। सहेंद्र सिंह रमाला, विधायक छपरौली
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मेरे ध्यान नहीं है कि किन कार्यों को निरस्त कराया गया है। मैने बहुत कार्य कराए है, इसलिए इस बारे में पता नहीं। ऐसा हो सकता है कि बजट की कोई समस्या हो। - केपी मलिक, विधायक बड़ौत
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मैने सबसे ज्यादा विकास कार्य कराए है और इस तरह की आगे भी कराएंगे। मैने प्राथमिकता वाले कार्य पहले कराने के लिए कहा है और जिनको अभी निरस्त कराया है, उनको भी जल्द करा देंगे। - योगेश धामा, विधायक बागपत