बागपत से हरसिया तक हाईटेंशन लाइन के निर्माण कार्य को लेकर चल रहे विवाद के मामले में कई गांवों के किसान कलक्ट्रेट में पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर कहा जब तक जमीन का उचित मुआवजा तय नहीं होगा, तब तक पोल नहीं लगने दिए जाएंगे। उन्होंने डीएम से मुआवजा दिलवाने की मांग की।
अहेड़ा, दुभड़ा, पाबला बेगमाबाद, सुन्हेंड़ा, हरचंदपुर, खट्टा प्रह्लादपुर, ढ़िकौली गांव के किसानों ने कहा विद्युत निगम उनके खेतों से हाईटेंशन लाइन निकलाने के लिए पोल लगा रही है। उनको खेत में खड़ी फसल का ही खर्चा देने को बोला जा रहा है। जमीन का मुआवजा नहीं है। ऐसी स्थिति में लाइन नहीं खिंचने दी जाएगी।
उन्होंने कहा खेत में पोल लगने और विद्युत लाइन खिंचने से खेत की कीमत घट जाएगी, पेड़-पौधे और कई फसलों की बुआई भी नहीं कर पाएंगे। उनकी मांग की कि 70 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से मुआवजा दिया जाएगा। जब तक मुआवजा तय नहीं होगा, तब तक लाइन नहीं खिंचने दी जाएगी। डीएम ने किसानों को समस्या हल कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर हेमराज, श्लेक चंद, प्रदीप, गजेंद्र भाटी, अभिषेक, जगवीर मौजूद रहे।
बागपत। मौजिजाबाद नांगल गांव के किसानों ने कहा विद्युतनिगम के अफसर पहले सर्वे के अनुसार विद्युत लाइन नहीं निकाल रहे हैं। उनके खेतों में पोल खड़े करने का प्रयास हो रहा है। जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने डीएम से शिकायत की है।
सोमवार को किसान सुखवीर, तेजपाल सिंह, वेद पाल सिंह, सत्यपाल सिंह ने कहा कंडेरा गांव के निर्माणाधीन बिजली घर पर कान्हड पावर हाउस से एक विद्युत लाइन निकाली जा रही है। इसके लिए एक सर्वे हुआ था। आरोप है कि निगम के दो अफसर सर्वे के अनुसार लाइन नहीं निकाल रहे हैं। उनके खेतों में पोल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। उनको डराया धमकाया जाता है। मुकदमा दर्ज कराने तक की धमकी दी जा रही है। इससे वे परेशान हैं। उन्होंने डीएम से शिकायत की।