दिवाली पर धमाके के लिए घरों में बन रहे पटाखे
बागपत। दिवाली नजदीक आते ही जिले के विभिन्न स्थानों पर पटाखे बनाने के अवैध कारोबार ने तेजी पकड़ ली है। बड़ौत, दत्तनगर के अलावा खेकड़ा क्षेत्र में पड़े पैमाने पर पटाखे बनाने का काम किया जाता रहा है। पिछले दिनों ही बड़ौत में अवैध तरीके से संचालित पटाखा फैक्ट्री पकड़ी जा चुकी है। इसके बावजूद पटाखे निर्माण का कार्य गोपनीय तरीके से चल रहा है। दत्तनगर गांव में पिछले वर्ष पटाखों की बिक्री को लेकर झगड़ा भी हो चुका है। यहां कुछ लोग घरों के बाहर ताले लगाकर पटाखे बनाने का काम करते हैं। दत्तनगर के पटाखे दूर तक सप्लाई होते हैं। आसपास के जिलों के अलावा दिल्ली तक के दुकानदार यहां से पटाखों लेकर ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। खेतों में संचालित दुकानों को प्रशासन ने बंद कराया था। लेकिन गुपचुप तरीके से यहां निर्माण का कार्य चल रहा है।
ग्रीन पटाखों के आदेश हवा-हवाई
पिछले साल दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री के आदेश दिए थे। लेकिन जिले के बाजारों में ग्रीन पटाखे यानी कम प्रदूषण वाले पटाखे कम ही मौजूद रहते हैं। यहां अधिक आवाज वाले पटाखों की खरीद ज्यादा होती है।
सबसे खराब मिली थी जिले की सेहत
पटाखों का असर यह हुआ कि दिवाली के बाद जिले में कई दिनों तक प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहा। दिल्ली और गाजियाबाद जैसे शहरों से अधिक बागपत में वायु प्रदूषण सबसे खराब मिला था। जिले की हवा की सेहत में सुधार होने में महीने भर का समय लग गया था।
- क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीएम बागपत पुलकित गर्ग का कहना है कि पटाखे बनाने के लिए नए लाइसेंस जारी नहीं किए गए हैं। अगर कोई अवैध तरीके से निर्माण करता मिला तो कानूनी कार्रवाई होगी। संदिग्ध स्थानों की जांच कराई जाएगी। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
बागपत में तैयार हुए पटाखे- फोटो : BAGHPAT