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सवाल उठाना मना है: अस्पताल में खामियों की फोटो खींची तो होगी एफआईआर, सजा के साथ अर्थदंड भी लगेगा

Wed, 08 Jun 2022 11:12 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत के जिला अस्पताल में खामियां दूर करने की जगह प्रबंधन ने फोटो खींचने और वीडियोग्राफी करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी का बोर्ड लगवा दिया है। मरीज खामियों के फोटो खींचकर उच्च अधिकारियों को भेज रहे थे।  
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बागपत जिला अस्तपाल स्थित चस्पा नोटिस - फोटो : BAGHPAT
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बागपत जिला अस्पताल की खामियों की शिकायत करना लोगों पर भारी पड़ सकता है। अस्पताल में अव्यवस्थाओं के फोटो खींचने और वीडियोग्राफी करने पर प्रबंधन ने एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। जिला अस्पताल में खामियां दूर करने के बजाए अस्पताल प्रबंधन ने फोटो और वीडियोग्राफी करने पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कार्रवाई करने का बोर्ड लगाया गया है।

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जिला अस्पताल में अव्यवस्था मिलने और मरीजों को समय पर उपचार न दिए जाने पर मरीज और उनके तीमारदार आए दिन फोटो और वीडियो बनाकर चिकित्सकों की शिकायत कर देते थे। उच्च अधिकारियों व शासन स्तर तक जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं की शिकायतें पहुंच रही थी। इसे लेकर ही कई बार खुद डीएम ने अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा और व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए।

अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के बजाए अस्पताल में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जिला अस्पताल में फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी का बोर्ड लगाया गया है। जिला अस्पताल में फोटाग्राफी व वीडियोग्राफी करने के लिए अस्पताल प्रबंधन से अनुमति लेनी होगी।
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सजा के साथ अर्थदंड भी लगेगा
बिना फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करने पर दो साल तक की सजा और महिला रोगी या महिला अधिकारी व कर्मचारी का फोटोग्राफ करने पर एक से तीन वर्ष की सजा व आर्थिक दंड और गंभीर मामलों में तीन से सात साल तक की सजा, गलत परिचय देकर फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करने पर तीन वर्ष का कारावास और आर्थिक दंड और राजकीय कर्मचारी की ड्यूटी में बाधा उत्पन्न करने पर दो साल का कारावास और आर्थिक दंड का बोर्ड लगाया गया है।

जिला अस्पताल में फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध केवल इसलिए लगाया गया है, जिससे यहां की अव्यवस्थाओं की शिकायत फोटो या वीडियो के साथ उच्च अधिकारियों को नहीं कर सके। - राहुल, डौला

चिकित्सक या कर्मचारी द्वारा उपचार न दिए जाने पर लोग फोटो व वीडियो के माध्यम से शिकायत कर रहे थे। इसलिए ही फोटो व वीडियो पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस तरह की हरकत करने की जगह अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारनी चाहिए। - भीम, मीतली

जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत अधिकारियों के पास होती है तो उसे झूठा बताया जाता है। इसलिए ही लोग फोटो व वीडियो के साथ शिकायत करते हैं। इससे डाक्टर फंस जाते हैं। इसी से बचने के लिए इस तरह के नियम बनाए गए हैं। - पिंटू नैथला

जिला अस्पताल में शासन के निर्देश पर फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने का बोर्ड लगाया गया है। बिना अनुमति के फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। - डॉ एसके चौधरी, सीएमएस
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