एफआईआर पर की जा रही राजनीति : केपी मलिक
बागपत। बड़ौत विधायक केपी मलिक ने कहा कि एफआईआर प्रकरण में कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपशब्द लिखने वाले के खिलाफ उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी। राजपूत समाज के गणमान्य लोग जो फैसला करेंगे, वही मान्य होगा। एक घर में एक पक्ष के कुछ लोग इकट्ठा हुई, जबकि पंचायत में दोनों पक्ष होने चाहिए थे।
सिसाना गांव के एक धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे विधायक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पंचायत में दोनों पक्ष सुने जाने चाहिए थे। समाज स्वयं निर्णय करें कि कौन दोषी है। कुछ लोग राजनीतिक के तहत ऐसा कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता को घटाने के लिए और अपना छिछोरापन दिखाया जा रहा है। एक व्यक्ति की खराब मानसिकता से किसी समाज का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बड़ौत कोतवाली पुलिस को सिर्फ सूचना दी थी कि उसने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपशब्द लिखे है। कानूनी तौर पर पुलिस खुद ही इस मामले में कार्रवाई की है। समाज के लोगों का जो निर्णय होगा, वह सर्वमान्य होगा। पूर्व प्रधान प्रताप चौहान, कमल सिंह, चौधरी कृपाल सिंह, विक्की चौहान, मनोज चौहान, जवाहर लाल, रण सिंह, प्रेम, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुदेश चौहान, अनिल चौहान, विवेक तंवर, मास्टर प्रदीप चौहान, धर्मवीर सिंह उपस्थित रहे।
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बयान पर नाराजगी, पंचायत में थे जिम्मेदार
बागपत। सिसाना के प्रकरण में डीएम से मिलने के लिए नामित प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पंचायत में समाज और आसपास के जिम्मेदार लोग मौजूद थे। विधायक का यह कहना कि कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं था, गलत है। ठाकुर विजय सिंह, राकेश कुमार, सुधारस चौहान, अमित चौहान, अग्रवाल मंडी टटीरी के चेयरमैन विनोद चौहान, इंद्रपाल सिंह, चौधरी प्रेमपाल, सतीश चौहान ने बयान पर नाराजगी व्यक्ति की। निवाड़ा गांव में भी उनके बयान की निंदा की गई। नौशाद अली, इखलाक, चौधरी उम्मेद, यूसुफ, महराज, आजम, साबर अली उपस्थित रहे।
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