बड़ौत के सिनौली गांव में पौधारोपण करते मजदूर व ग्रामीण।
- फोटो : BARAUT
आखिरकार सड़क पर फेंके पौधों को उठाकर किया पौधरोपण
बड़ौत (बागपत)। अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर कैसे फैलेगी हरियाली, लगाने की बजाय सड़क पर फेंके पौधे से वन विभाग और ग्राम पंचायत विभाग मेें हड़कंप मच गया। बुधवार को तुरत फुरत में वन विभाग के अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और सड़क पर फेंकी गयी पौधे को उठाकर पौधरोपण किया।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार के आदेश पर जिले को हराभरा रखने के लिए एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया। पांच जुलाई को वन महोत्सव के तहत लाखों पौधे रोपित किए । पौधे रोपित कर तमाम सरकारी व गैर सरकारी सहित विभिन्न संगठनों ने फोटो अप लोड कर रिपोर्ट प्रस्तुत खूब वाही वाह लूटी गई, मंगलवार को जब अमर उजाला टीम ने वन महोत्सव की हकीकत जानी तो छपरौली के सिनौली गांव मेें सैकड़ों पौधे सड़क पर पड़े दिखाई दिए। इससे घोर लापरवाही उजागर हुई। अमर उजाला ने इस मुद्दे को बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो वन विभाग सहित ग्राम पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया।
बुधवार की तड़के वन विभाग की टीम वन क्षेत्राधिकारी राजपाल और वन दरोगा रविकांत चौधरी के नेतृत्व में क्षेत्र में पहुंची और जांच करने में जुट गई आखिरकार किसने सैकड़ों पौधे सड़क पर फेंके। हालांकि बाद में सिनौली गांव के प्रधान योगेंद्र व ग्राम सचिव रोहित मौके पर पहुंचे और सड़कों पर फेंकी पौधे को उठाकर गांव ले गए और चिन्हित की जगहों पर पौधे रोपित किए। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी राजपाल ने कहा सिनौली गांव के प्रधान योगेंद्र की देखरेख में सभी पौधों को रोप दिया गया। उधर, ग्राम सचिव रोहित खोखर और ग्राम प्रधान योगेंद्र ने बताया कि सड़क पर पौधे फेंकने का मामला सामने आया , यह पौध उनकी नहीं है, इसके बाद भी जिले को हरा भरा करने के लिए सभी पौधे को सड़क से उठाकर पौध किया गया है।