जिले में जानलेवा बुखार का कहर थमने का नाम नहीं लेने से दहशत पसर गई है। पिलाना के गौसपुर में बुखार से मासूम सहित दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, बिनौली में बुखार की चपेट में आकर युवती की मौत हो गई।
जनपद में बुखार कर कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इमरान की डेढ़ वर्षीय बेटी शैली दो सप्ताह से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने पहले उसका निजी चिकित्सक से उपचार कराया था। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
बुधवार सुबह उसकी अचानक हालत बिगड़ गई। बाद में उसकी मौत हो गई। अनवर (35), पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। परिजन उनका मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार करा रहे थे। मंगलवार रात उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
इसके अलावा एक सप्ताह के अंदर गांव के ही निसार (55), गफ्फार (50) और युवती महनिशा (22) की बुखार से मौत हो गई। गांव में रूकैय्या, रूखशाना, रहनुमा, शाहिस्ता, सलमा, जमील, वहीदा समेत दो दर्जन से अधिक लोग बुखार से अभी भी पीड़ित हैं।
लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाने और कीटनाशक का छिड़काव कराने की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही लोगों की जान जा रही है।
इसके विरोध में लोगों ने गांव में जमकर हंगामा किया। इस मौके पर इमरान, अलीहसन, गुलफाम, अय्यूब, गफ्फार, सईद, शकील अहमद, इरफान, इरशाद मौजूद रहे। सीएमओ डॉक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि बुखार से हुई मौतों का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
बिनौली क्षेत्र के तितरौदा गांव की युवती चनिका पुत्री बिजेंद्र एक सप्ताह से बुखार की चपेट में थी। उसका पहले गांव में एक चिकित्सक के यहां पर इलाज कराया गया। आराम नहीं मिलने पर उसे मेरठ ले जाया गया पर कोई राहत नहीं मिली। मेरठ से रेफर हो जाने के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में ले जाया गया, तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।