सम्मान निधि के लिए चक्कर लगा रहे किसानों के लिए वरदान बनेगी अनुदान योजना
किसानों को कृषि विभाग में कराना होगा पंजीकरण, मिल जाएगी किस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। किसानों को अब दोहरा लाभ देने की योजना तैयार की गई है। एक तो गेहूं के बीज पर उन्हें अनुदान मिलेगा और दूसरा फायदा यह होगा कि जिन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है, उन्हें भी लाभ मिल जाएगा। क्योंकि कृषि विभाग ने इस तरह की योजना तैयार की है कि त्रुटिवश जिन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही थी, उनकी खामियां नए पंजीकरण से दूर हो जाएंगी।
जनपद में सभी बीज भंडारों पर कृषि विभाग ने गेहूं का बीज उपलब्ध करा दिया है। गेहूं का बीज अनुदान पर मिल रहा है। बीज पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। इससे कि किसानों को लाभ मिल सके और उनकी कृषि आय बढ़ाई जा सके। अनुदान के लिए किसानों को कृषि विभाग में पंजीकरण कराना होगा। यह अनिवार्यता इसलिए कर दी गई है कि जो किसान सम्मान निधि पाने के लिए लंबे समय से दर-दर भटक रहे हैं और किसी न किसी त्रुटि के कारण उन्हें सम्मान निधि की किस्त नहीं मिल पा रही थी। वे अनुदान योजना के तहत पंजीकरण कराकर सम्मान निधि पा सकेंगे। इसके लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक और भूमि की खतौनी कृषि विभाग को देनी होगी, क्योंकि यह तीनों ही दस्तावेज ऐसे हैं जिनका पंजीकरण यदि कृषि में हो जाएगा तो फिर सम्मान निधि के खाते उनसे स्वत: ही लिंक हो जाएंगे।
यह प्रजातियां हैं उपलब्ध
एचडी 2967
एचडी 3086
आंकड़े की नजर से
3580 रुपए प्रति क्विंटल है प्रमाणित बीज की विक्रय दर
3815 है आधारीय बीज की विक्रय दर
1790 रुपए प्रति कुंतल प्रमाणित बीज पर मिलेगा अनुदान
1507 रुपए प्रति कुंतल आधारीय बीज पर मिलेगा अनुदान
2 हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों को सिर्फ 2 हेक्टेयर तक मिलेगा लाभ
किसान बीज अनुदान योजना के तहत अपना पंजीकरण करा लें, उससे दो लाभ होंगे। एक तो बीज खरीद पर अनुदान मिल जाएगा, दूसरा जिन किसानों किसी त्रुटिवश सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। नए पंजीकरण से उनकी खामियां दूर हो जाएंगी और उन्हें सम्मान निधि की किस्त मिलने लगेगी। - कृषि तेजपाल चौहान, एसडीओ, राजकीय बीज भंडार।