बागपत के छपरौली के शबगा गांव में आयोजित पंचायत में क्षेत्रीय किसानों ने उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने और 15 नवंबर को बागपत कलक्ट्रेट में धरना देने का निर्णय लिया।
रविवार को क्षेत्र के शबगा गांव के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में सुभाष चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत में वक्ताओं ने कहा कोई भी सरकार क्षेत्र के किसानों के गन्ने के बकाया भुगतान दिलाने में किसानों की मदद नहंीं कर रही है। किसानों ने कहा भुगतान होने तक किसी भी दशा में गन्ना नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सभी किसान एक मत है। किसानों ने कहा वे न तो मिल को चलने देंगे और न ही कांटे नहीं चलने देंगे। उन्होंने बताया पंचायत में तय किया क्षेत्रीय किसान आगामी विधानसभा चुनाव का पूर्णतया बहिष्कार करेंगे।
इसके अलावा उन्होंने 15 नवंबर को बागपत कलक्ट्रेट होने वाले किसानों के धरने को भी सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा पालतू पशुओं को भी साथ लेकर जाने की अपील की। इसमें गन्ना समिति के चेयरमैन धूम सिंह, भोपाल सिंह, सत्यवीर सिंह, दीपक, अशोक, मुनेश बरवाला, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, विनोद, देवेंद्र, सतेंद्र, रणवीर सिंह, महावीर, रामस्वरुप, कालू आदि रहे।
बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से आक्रोश
बड़ौत। बिजरौल गांव के आर्य समाज मंदिर में थांबा चौधरी यशपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई पंचायत में मलकपुर चीनी मिल द्वारा 2015-16 के गन्ने का भुगतानन होने पर रोष जताया गया। इस पर निर्णय लिया जब तक पिछले सीजन का पूरा भुगतान नहीं कर देता, तब मलकपुर मिल को गन्ना नहीं दिया जाएगा और न ही मिल चलने दिया जाएगा। पंचायत में पूर्व प्रधान उपेंद्र, सुभाष, रविंद्र प्रधान, चंद्रपाल, पूर्ण, यशपाल प्रधान, बलजोर, सतपाल, बिजेंद्र आदि ने भी विचार रखे।
झूठा निकला गन्ना आयुक्त का आश्वासन
बड़ौत। बकाया गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य घोषित न होने पर रविवार को ग्राम प्रधान संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक छछरपुर गांव में हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा गन्ना आयुक्त लखनऊ का आश्वासन झूठा निकला। बैठक में गन्ने की समस्या का जल्द निस्तारण न होने आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया।
वक्ताओं ने कहा बकाया गन्ना भुगतान न होने के कारण आज क्षेत्र का किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। ग्राम प्रधान रणवीर सिंह ने कहा बकाया गन्ना भुगतान न होने के कारण किसानों के पास न तो खाना खाने के लिए पैसे हैं और न ही परिवार चलाने का खर्च। इधर-उधर से साहूकारों से ब्याज पर पैसा उठाकर काम चला रहा हैं। ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा एक माह पूर्व बकाया गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य घोषित कराने की मांग को लेकर लखनऊ गन्ना आयुक्त से संगठन के कार्यकर्ता मिले थे, जहां पर संगठन को आश्वासन देकर लौटा दिया, लेकिन एक माह बाद भी समस्या जस की तस है।
बैठक में जल्द ही समस्या का समाधान न होने पर क्षेत्र के किसानों को जागरूक कर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। अध्यक्षता रणवीर प्रधान ने की। संचालन अनिल कुमार एडवोकेट ने किया। इसमें संजीव प्रधान, प्रवेश त्यागी, राम स्वरूप, वीर सैन, रणवीर, अनिल कुमार एडवोकेट, कालू, शीलू, रमेश, जोनी, बिजे पाल फौजी, ब्रजपाल फौजी आदि रहे।