संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में नाबार्ड की ओर से चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन किया गया। इसमें किसानों को औषधीय पौधों की खेती कर आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया गया।
क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डॉ़ मोनिका गुप्ता ने मोरिंगा से होने वाले लाभ एवं उनका उपयोग के बारे में जानकारी दी। प्रोजेक्ट अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को फसल विविधिकरण अपनाने के लिए प्रेरित कर औषधीय पौधों की व्यवसायिक खेती की जानकारी देना है। कृष्ण गोपाल ने कहा कि कि जिले में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए फसल विविधिकरण अति आवश्यक है। इस मौके पर उमाशंकर, अरविंद, इंद्रपाल, सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।