सरकार ने इस बार 1975 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है गेहूं का खरीद मूल्य
बड़ौत। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बीते वर्ष की तुलना में सिर्फ 50 रुपये ही बढ़ाया है। इस बार किसानों को सिर्फ 1975 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ही भुगतान किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में नाराजगी है। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को किसान विरोधी बताया है। किसानों ने गेहूं का समर्थन मूल्य कम से कम 2500 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है।
ये बोले किसान
बरवाला गांव के किसान संजू का कहना है कि खेती में लागत का मूल्य लगातार बढ़ रहा है। जबकि इसकी तुलना में समर्थन मूल्य में मामूली वृद्धि हुई है। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है।
किसान पप्पू चंदन का कहना है कि सरकार को गेहूं का समर्थन मूल्य 2500 रुपये प्रति क्विंटल करके किसानों को होने वाली आर्थिक हानि से बचाना चाहिए। इससे किसानों को फायदा होगा।
किसान वेदपाल का कहना है कि सिर्फ 50 रुपये दाम बढ़ाने से किसानों को राहत नहीं मिलने वाली है। सिंचाई से लेकर बुवाई और खाद बीज तक सब महंगा हो गया है।
किसान प्रमोद का कहना है कि पेट्रोल और डीजल का दाम रोज बढ़ रहा है। खेती करना बहुत महंगा हो गया है। ऐसे में सरकार को गेहूं का दाम और एमएसपी दोनों बढ़ाना चाहिए।