बागपत कोर्ट रोड पर हल्की ओलावृष्ठि के बीच छाता लेकर जाता व्यक्ति
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बागपत। मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया। बुधवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। अगले तीन दिन तक मौसम के खराब रहने का अनुमान है। बृहस्पतिवार को भी ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
बुधवार को दोपहर तक तेज धूप खिली रही। शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ। आसमान में बादल छा गए। तेज बारिश शुरू हो गई। बागपत, बड़ौत और खेकड़ा क्षेत्र में अधिक बारिश हुई, जबकि छपरौली क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई। बागपत के आसपास ओलावृष्टि से किसान सहम गए। सरसों की फसल पककर तैयार है और गेहूं की फसल में भी बालियां निकल रही है। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि से दोनों फसलों को नुकसान होगा। जिन किसानों ने अपने खेतों की सिंचाई कर रखी है, फसल के गिरने का खतरा है। एडीओ कृषि महेश खोखर ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि फसलों के लिए ठीक नहीं है। गेहूं की फसल को ओलावृष्टि से नुकसान होगा।
तीन दिन तक मौसम रहेगा खराब
बागपत। मौसम विज्ञान विभाग ने तीन दिन तक मौसम के खराब रहने की आशंका जताई है। बृहस्पतिवार को तेज बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है, जिससे किसानों को नुकसान होगा।
थम गए वाहनों के पहिए
बागपत। बारिश और ओलावृष्टि के कारण सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए। दुपहिया वाहनों की संख्या घट गई। बारिश के कारण शाम छह बजे ही अंधेरा छा गया।
गन्ना छिलाई का कार्य प्रभावित
बागपत। मौसम लगातार तीन दिन खराब रहने से गन्ना छिलाई का कार्य प्रभावित होगा। तौल प्रभावित होगा। इससे चीनी मिलों के भी नो केन की संभावना है। कोल्हू भी थम जाएंगे।