संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खेड़ा इस्लामपुर में यमुना खादर की जमीन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब किसानों ने मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए। उन्होंने तहसीलदार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए फसल उजाड़ने तथा खेतों में पिलर लगाने के कारण गांव से पलायन करने की चेतावनी दी है। वहीं, मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बाबत चेताया।
हरियाणा के रेत ठेकेदारों ने यमुना पर पुल बनाकर खनन के लिए मशीनों को यूपी की तरफ खेड़ा इस्लामपुर के खादर में उतार दिया था। इसका किसान लगातार विरोध कर रहे थे। वहां जमीन की पैमाइश के लिए लखनऊ की टीम बुलाई गई थी। इसके बाद वहां मंगलवार को तहसीलदार बागपत प्रसून कश्यप ने पिलर लगवा दिए थे। इसके लिए खेड़ा इस्लामपुर के किसानों की फसल को मशीन से उजाड़ दिया गया था। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ। यह मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। अब गांव के मोनू, छोटा, मदन, अंग्रेज, चरण, रामकुमार, कपिल समेत करीब बीस किसानों ने पलायन करने को मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए हैं। किसानों ने साफ कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे जल्द गांव से पलायन कर जाएंगे। उनका अधिकारी उत्पीड़न कर रहे हैं। जिस जमीन से वे परिवार का गुजारा करते हैं। उसे अधिकारी छीनने में लगे हैं। इसलिए वे गांव में नहीं रहेंगे। किसानों द्वारा गांव से पलायन करने पोस्टर लगाने से अधिकारियों में हडक़ंप है।
पोस्टर पर लिखा, तहसीलदार के उत्पीड़न से तंग हैं हम
खेड़ा इस्लामपुर में किसानों ने अपने मकान पर लगाए पोस्टर में लिखा है कि तहसीलदार के उत्पीड़न व फसलों को नष्ट कराए जाने के कारण वे पलायन करने के लिए मजबूर हैं। इसलिए गांव में अपने मकानों को बेचना चाहते हैं। वे मकान बेचकर गांव से चले जाएंगे। इस तरह गांव की एक पूरी बस्ती में सभी मकानों पर पोस्टर लगे हुए हैं।
पैमाइश कराने के बाद पिलर लगवाए गए हैं और फसल नहीं उजाड़ी है। जिन लोगों ने मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाए हैं। उनको नोटिस भेजकर जमीनों के कागज मंगवाऊंगा। अब पूरी जमीन को देखूंगा कि आखिर किसने जमीन पर कब्जा किया हुआ है।-प्रसून कश्यप, तहसीलदार