करीब 100 ट्रक इस समय दिल्ली में फंसे, रोजाना हो रहा डेढ़ करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित
बागपत जिले से रोजाना होती है मशीनरी, डिनर सेट, फैक्टरियाें का माल, दूध, सब्जी, फल की सप्लाई
ट्रांसपोर्ट्स को आंदोलन के लंबा चलने के आसार, एडवांस बुकिंग को भी किया जा रहा मना
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन ने बागपत जनपद के ट्रांसपोर्ट कारोबार की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। कारोबारियों की माने तो बागपत जिले से रोजाना मशीनरी, डिनर सेट, फैक्टरियाें का माल, दूध, सब्जी, फल की सप्लाई आदि की सप्लाई दिल्ली और आसपास के राज्यों में होती है। आंदोलन के कारण करीब 100 ट्रक इस समय दिल्ली में फंसे है। प्रतिदिन डेढ़ करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है। ट्रांसपोर्ट्स को अंदेशा है कि किसान आंदोलन लंबा चल सकता है। ऐसे में एडवांस बुकिंग भी नहीं ली जा रही है।
500 से अधिक ट्रांसपोर्ट
बागपत जनपद में 500 से अधिक ट्रक, मिनी ट्रक आदि छोटे-बड़े मालवाहक ट्रांसपोर्ट संचालित है। सभी ट्रांसपोर्ट्स के पास 15 से 20 बडे़ व मिनी ट्रक संचालित है। इनसे दिल्ली, मेरठ, बिहार, लखनऊ, दिल्ली, गोरखपुर, सोनीपत, हरियाणा, लोनी, गाजियाबाद, देवरिया, बदायूं, पंजाब, उत्तराखंड, शामली, मध्यप्रदेश, झारखंड आदि जगहों पर ट्रकों में मशीनरी, लोहे का सामान, डिनर सेट, फैक्टरियों का माल, दूध, सब्जी, फल की सप्लाई की जाती है।
भरे हुए ट्रकों से माल चोरी होने का सता रहा डर
ट्रांसपोर्टर पवन ने बताया कि जिन ट्रकों में माल लदा हुआ है, वे किसान आंदोलन के चलते दिल्ली व अन्य राज्यों में नहीं जा पा रहे है। ऐसी स्थिति में ट्रकों को कहां खड़ा करें, इसको लेकर चिंतित है। ऐसे में ट्रकों से माल चोरी होने का डर सता रहा है, यदि हाईवे व सड़कों पर ट्रकों को खड़ा करते है तो पुलिस चालान काटती है। उन्होंने जिले में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने की मांग उठाई।
क्या कहते है ट्रांसपोर्टर....
ट्रांसपोर्टरप्रवीण तोमर का कहना था कि रोजाना नगर से गेहूं, चावल, आटा, दूध, चीनी, गुड़ आदि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य जगहों पर भेजा जाता था, लेकिन आंदोलन का असर इतना तगड़ा है कि ट्रक ड्राइवर कही पर भी माल ले जाने की हां नहीं कर रहा। कारोबार प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित जय बाबा मिनी ट्रक ट्रांसपोर्ट सर्वेश कुमार का कहना है कि पहले कोरोना का असर, अब किसान आंदोलन। मजबूरी में कर्मचारियों की छंटनी करने को विवश हैं। बताया कि कुछ ट्रांसपोर्ट के यहां पर सामान की लोडिंग भी अटकी पड़ी है। ट्रांसपोर्ट कारोबार पूरी तरह ठप हो जाएगा।
ट्रांसपोर्टर प्रवेश व सुरेंद्र तोमर का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों का कारोबार करना मुश्किल हो गया है। क्योंकि एक सप्ताह से किसान आंदोलन से ट्रांसपोर्टर और व्यापारी परेशान है।
5000 परिवारों पर सीधे असर
किसान आंदोलन का ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े एक दो नहीं बल्कि 5000 परिवारों पर सीधे असर पड़ रहा है। ड्राइवर, कंडक्टर के साथ-साथ काम करने लेबरों की छुट्टी कर दी गई है। अब ये परिवार घर पर बैठकर आंदोलन खत्म होने का इंतजार कर रहे है। ट्रक मालिकों की आय रुकने पर इनसे जुडे़ परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दूसरी ओर गाड़ियों की किस्त जमा करने का भी डर सता रहा है।