कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने हाईवे किया जाम
भाकियू नेता बोले, किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत/रमाला। कृषि कानूनों के विरोध में संघर्ष समिति के भारत बंद के आह्वान पर शुक्रवार को किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे डूंडाहेड़ा, बागपत में राष्ट्रवंदना चौक, बड़ौत में दिल्ली बस स्टैंड और जिवाना टोल प्लाजा पर धरना दिया। इस दौरान किसानों की पुलिस कर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई।
बागपत के राष्ट्रवंदना चौक पर भाकियू युवा जिलाध्यक्ष चौधरी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान राष्ट्र वंदना चौक पर भारी पुलिस तैनात रही। इस मौके पर इंद्रपाल, तेजपाल, अशोक, विरेंद्र, विनोद, आशीष, अंकित, संजय, अश्वनी आदि मौजूद रहे।
उधर बड़ौत में दिल्ली बस स्टैंड पर थांबेदार ब्रजपाल सिंह, आचार्य बलजोर आर्य व विक्रम आर्य के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी है। जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक किसान भी पीछे नहीं हटेंगे। उनकी पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। धरने के बाद किसानों की थांबेदार चौधरी ब्रजपाल के आवास पर बैठक हुई। इसमें बकाया गन्ना भुगतान, बढ़ी विद्युत दरों सहित अन्य समस्याओं पर आक्रोश जताया गया। यहां वीरेंद्र मास्टर, डा. कृपाल सिंह, विपिन ढिकाना, रणधीर राणा, राहुल, अजय, पुष्पेन्द्र, आशुतोष मौजूद रहे।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिवाना टोल प्लाजा पर धरना दिया। टोल बंद होने के कारण वाहन चालकों को नहर के रास्ते गुजरने के लिए विवश होना पड़ा। राजेंद्र चौधरी ने कहा कि काले कृषि कानून के विरोध में किसान चार माह से धरना दे रहे हैं, मगर सरकार किसानों की नहीं सुन रही है। सरकार ने किसानों को बर्बाद करने और अंबानी-अडानी को सीधे फायदा पहुंचाने के लिए कानून लागू किया है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। यहां अरुण तोमर बॉबी, संजीव तोमर संजू, राजेन्द्र दोघट, मुनेश बरवाला, विश्वास चौधरी, राजेन्द्र सिंह, यशपाल सिंह, गौरव चौधरी आदि मौजूद रहे।
टोल बंद होने से परेशान हुए यात्री
रमाला। किसानों के धरने के चलते टोल प्लाजा बंद हो गया। इससे मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं टोल टैक्स का लाखों रुपये का नुकसान हुआ।