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Baghpat News: कृषि मेले में मिली पूड़ी-सब्जी खाने के बाद किसान हो गए बीमार

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बड़ौत। किसानों के कृषि मेले के भ्रमण के दौरान अव्यवस्थाओं के कारण कृषि विभाग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। छपरौली ब्लॉक की महिलाओं के बाद अब बिनौली ब्लॉक के गल्हैता गांव के किसानों ने खराब खाना खिलाने और पानी नहीं देने का आरोप लगाया। किसानों का आरोप है कि पूड़ी-सब्जी खाने के बाद कई बीमार हो गए और उन्हें सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ा।
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गल्हैता निवासी नीरज शर्मा, कृष्णपाल त्यागी, धर्मपाल, मनोज, देवेंद्र समेत कई किसानों ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से उन्हें 27 जुलाई को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित कृषि मेले के भ्रमण के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि मेले के दौरान बिनौली ब्लाॅक में तैनात कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा दी गई पूड़ी-सब्जी की गुणवत्ता खराब थी। भोजन करने के कुछ समय बाद किसान जयकुमार, मुकेश शर्मा सहित अन्य की तबीयत बिगड़ गई। कुछ किसानों ने सरकारी अस्पताल तो कुछ ने निजी अस्पताल में उपचार कराया।
किसानों का कहना है कि पूरे भ्रमण के दौरान पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं की गई थी। जब उन्होंने खाने और अन्य व्यवस्थाओं पर आपत्ति जताई तो विभागीय कर्मचारियों ने अभद्रता की। आरोप है कि उनको कृषि विभाग के कार्यक्रमों में शामिल न करने और शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई न होने की बात कहकर धमकाया गया। इससे पहले छपरौली ब्लॉक की महिलाओं ने भी कृषि मेले के भ्रमण के दौरान खाने व पानी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के आरोप लगाए थे।
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यह बोले किसान

हमें कृषि मेले से नई जानकारी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन खराब भोजन और अव्यवस्थाओं के कारण कई किसानों की तबीयत बिगड़ गई। किसानों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। -कृष्णपाल त्यागी, गल्हैता


पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। जब हमने शिकायत की तो हमारी बात सुनने के बजाय चुप रहने का दबाव बनाया गया। -नीरज शर्मा, गल्हैता


भोजन और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए तो आगे से कृषि विभाग के कार्यक्रमों में शामिल न करने की बात कही गई। इससे किसान खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। -सुरेंद्र, गल्हैता

वर्जन-

किसानों के लिए मेरठ से विशेष रूप से खाना मंगवाया गया था। एक किसान की तबीयत जरूर खराब हुई थी, लेकिन वह खाने की वजह से नहीं होने की बात सामने आई है। धमकाने और अभद्र व्यवहार के आरोप गलत हैं। राजनीति के तहत झूठी शिकायत कराई जा रही है। -प्रदीप सहरावत, सहायक कृषि अधिकारी, बिनौली
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