बागपत क बड़ौत में हाईवे में स्थित ट्रांसफार्मर वर्कशाप पर दलालों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी ट्रांसफार्मर के माध्यम से किसानों से अवैध वसूली करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को एक बार फिर कुछ दलालों ने फर्जी कागजात के माध्यम से ट्रांसफार्मर जमा करने का प्रयास किया तो भनक लगने पर किसानों ने उन्हें दौड़ाया। इस दौरान किसानों की दलालों से नोकझोंक भी हुई। किसानों ने उन्हें पकड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन वे बाइकों पर बैैठकर भाग निकले। इससे आक्रोशित किसानों ने वर्कशाप में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
किसानों ने कहा ट्रांसफार्मर वर्कशाप पूरी तरह से दलालों का अड्डा बन गई है। यहां किसानों से फूंके ट्रांसफार्मर के बदले नए ट्रांसफार्मर देने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा विभागीय कर्मचारियों ने दलालों से मिलीभगत कर दो-तीन दिन पूर्व किरठल गांव का 100 केवीए और रठौड़ा गांव का 63 केवीए का ट्रांसफार्मर जमा किया। ट्रांसफार्मर जमा करने वालों में एक दलाल रठौड़ा और दूसरा बड़ौत का रहने वाला है।
किसानों ने बताया दो माह पहले भी फर्जी ट्रांसफार्मर प्रकरण में विद्युत निगम के डायरेक्टर अनिल कुमार मित्तल, एसई स्टोर बीएम शर्मा, एसई वर्कशाप ओपी यादव, एक्सईएन स्टोर एसपी सिंह ने वर्कशाप पर पहुंचकर जांच की थी। फर्जी प्रकरण में संदिग्ध एसडीओ, कर्मचारी और ठेकेदार को हड़काया भी था, लेकिन उस समय मामला दबा दिया गया था। उन्होंने बताया जांच के बाद वर्कशाप में दलालों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा, लेकिन फिर से दलालों की एंट्री दोबारा से खोल दी। प्रदर्शन में राजपाल, हरेंद्र, सुखवीर, नीरज, अनिल, रवि, महेंद्र, सुरेश, जयवीर, हरवीर, नरेंद्र, महावीर, प्रवीण आदि रहे।
दूसरी तरफ एसडीओ (स्टोर) एमपी सिंह ने कहा फर्जी कागजातों से ट्रांसफार्मर जमा करने का प्रयास किया था। मामला पकड़ में आया तो ट्रांसफार्मर जमा होने से पहले कागजात वापस कर दिए। किसी भी कीमत पर फर्जी ट्रांसफार्मर जमा नहीं होने दिया जाएगा और न ही किसानों से अवैध वसूली करने दी जाएगी।