बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित ट्रांसफार्मर वर्कशाप में किसानों को फूंके ट्रांसफार्मर के बदले नए ट्रांसफार्मर नहीं मिल पा रहे हैं। इसे लेकर सोमवार को किसानों ने वर्कशाप में हंगामा किया। इस दौरान किसानों की कर्मचारियों से नोकझोंक हुई। हंगामे के बाद किसान तहसील पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन देकर वर्कशाप से ट्रांसफार्मर के मामले की जांच कराने की मांग की।
सोमवार को अशरफाबाद थल, कुर्डी, रंछाड, बावली, छपरौली, बड़का गांवों के किसानों ने फिर से समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। क्षुब्ध किसानों ने बताया उनके 25, 63 और 100 केवीए के ट्रांसफार्मर विगत दो सप्ताह से वर्कशाप में जमा है, नियमानुसार 72 घंटे में ट्रांसफार्मर देने का प्राविधान है।
किसानों से वर्कशाप कर्मचारियों और दलालों की मिलीभगत से अवैध वसूली की जा रही है। वर्कशाप में तैनात कर्मचारी प्रति ट्रांसफार्मर तीन से चार हजार रुपये किसानों से वसूलते हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी चुप साधे हैं। इस कारण बिना बिजली के फसल भी सूख रही है। इस दौरान किसानों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई।
बाद में सभी एकत्रित होकर तहसील पहुंचे और रिश्वतखोरी की शिकायत एसडीएम दीपाली कौशिक से की। एसडीएम ने आश्वासन दिया जल्द ही समस्या का समाधान होगा। प्रदर्शन में मेहरदीन, अब्बास, उस्मान, जमील, सुरेंद्र, अमीन, जगपाल, सुखवीर, ओमपाल रहे।
एक्सईएन (स्टोर) एसपी सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कहीं। स्टोर कीपर विजयवीर ने आरोप निराधार बताए और कहा ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर अधिक फूंक रहे हैं।