बागपत। विकास भवन में हुई किसान बैठक में राजस्व समेत कई विभागों के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसान भड़क गए। जिस पर किसानों ने बैठक का बहिष्कार का अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी। किसानों को समझाकर शांत कराया तो बकाया गन्ना भुगतान, बिजली, सड़क समेत अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। पेयजल टंकी लगाने के नाम पर गांवों की सड़के उखाड़कर छोड़ने पर भी हंगामा हुआ।
किसान बैठक में भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह ने विकास प्राधिकरण के कर्मियों पर मकान के नक्शे के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया और बार-बार किसान का मकान निर्माण रुकवाने का आरोप लगाया। जिसको लेकर किसानों ने धरना देने की चेतावनी दी। ग्रामीण क्षेत्र में बसों का संचालन कराने की मांग उठाई गई। किसानों ने मलकपुर मिल समिति में घोटाला किया जाने का भी आरोप लगाया। जिसका अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन दिया। किसान बिजेंद्र ने कहा कि बैंकों में केसीसी बनवाने के लिए चक्कर लगवाए जाते है। किसानों ने कहा कि अवैध खनन के कारण अलीपुर तटबंध टूटा है।
भुगतान नहीं दिला सकते तो बिल और बच्चों की फीस जमा करा दो
उपसभापति विरेंद्र राणा ने कहा कि किसान गन्ना भुगतान के लिए भटक रहे हैं और अधिकारी गन्ना भुगतान दिला नहीं पा रहे। उन्होंने कहा कि अगर भुगतान नहीं दिला सकते तो किसानों का बिजली बिल और बच्चों की स्कूल फीस गन्ना पर्ची से जमा करा दो। जिससे किसानों को राहत मिले। इसके अलावा उन्होंने फसल बर्बाद होने पर किसानों का छह महीने का बिजली बिल माफ करने की मांग की।
मिल मालिक को गिरफ्तार करो
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा कि मलकपुर मिल बकाया गन्ना भुगतान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि मलकपुर मिल मालिक के खिलाफ कई मुकदमे हो चुके है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई। उन्होंने मिल मालिक को गिरफ्तार करने की मांग की।
इधर किसान की मौत, उधर प्रशासन ने उजाड़ी फसल
किसानों ने बताया कि सरूरपुर कलां गांव में किसान सुरेंद्र की मौत हो गई। जिसके बाद तहसील की टीम ने जंगल में पहुंचकर किसान की खड़ी फसल उजाड़ दी। जबकि मौत होने का मातम मना रहे किसान के परिवार को फसल काटने का समय भी नहीं दिया गया।
बैठक खत्म होने से पांच मिनट पहले पहुंचे बागपत एसडीएम
किसानों की समस्याओं को लेकर अधिकारी कितने सक्रिय है, इसका इसी बात से पता चलता है कि किसान बैठक में बागपत एसडीएम खत्म होने से मात्र पांच मिनट पहले ही पहुंचे। जहां 11 बजे से एक बजे तक किसान बैठक चली और एसडीएम बागपत निकेत वर्मा बैठक में 12 बजकर 55 मिनट पर पहुंचे। उनके पहुंचने के पांच मिनट बाद ही बैठक खत्म हो गई।