सिरसलगढ़ गांव में किसान की हत्या के बाद विलाप करती परिवार की महिलाएं।
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बागपत के सिरसलगढ़ गांव में रविवार की रात में भैंसा - बुग्गी से खेत में भूसा लेने जा रहे किसान की बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। किसान के साथ जा रहे दो लोगों ने वहां से भागकर जान बचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की तलाश की, लेकिन वे हाथ नहीं लगे। किसान के पिता ने बिनौली थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
किसान सुशील उर्फ कल्लू (40) पुत्र जयपाल सिंह सिरसलगढ़ गांव जा रहने वाला था। वह रविवार की रात में घर से भैंसा-बुग्गी लेकर रंछाड़ निवासी कंवर पाल पुत्र महावीर और गांव के ही अमित पुत्र राज कुमार के साथ खेत में भूसा लेने जा रहा था। रास्ते में बाइक सवार दो युवक मुंह पर कपड़ा लपेटे हुए मिले। उन्होंने सुशील को आवाज देकर बीड़ी मांगी। उसने बीड़ी-माचिस निकालीं तो बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस दौरान अमित और कंवर पाल ने भागकर जान बचाई। एक गोली सुशील की छाती में लगी और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
उधर, कंवर पाल और अमित ने इसकी सूचना गांव जाकर ग्रामीणों को दी। सूचना पर पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आसपास बदमाशों को तलाश किया, लेकिन कोई बदमाश हाथ नहीं लगा। परिजन घायल सुशील को सीएचसी बिनौली से गए। वहां से उसे गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया। मेरठ ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। सुशील के पिता जयपाल सिंह ने थाने में बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने किसान के दोस्त कंवर पाल को हिरासत में लिया है।
परिवार में मचा कोहराम
बड़ौत। सुशील की मौत से उसकी मां लीला देवी, पत्नी जूली, बेटी निधि, बेटे हर्ष और वंश का रोते-रोते बुरा हाल है। उन्होंने कहा सुशील की किसी से कोई रंजिश नहीं थी, फिर उसकी हत्या क्योें की गई। बिलखती पत्नी को परिवार की महिलाएं ढ़ाढ़स बंधाने में जुटी थी। सुशील के दो भाई और हैं। इनमें कुलदीप गुड़गांव में एक कंपनी में नौकरी करता है, जबकि चांदवीर गांव में ही है और सुशील के साथ खेती करता था।