बागपत। विकास भवन के सभागार में बुधवार को किसान दिवस पर बैठक में किसानों की समस्या उठाते हुए किसान नेता आपस में भिड़ गए और वहां हंगामा खड़ा हो गया। पहले समस्या बताने को लेकर उनके बीच देर तक नोकझोंक हुई। इसके बाद अफसरों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामला शांत कराया।
विकास भवन के सभागार में बुधवार को बैठक का आयोजन किया गया, जहां एसडीएम अविनाश त्रिपाठी ने किसानों की समस्या सुननी शुरू की। इस दौरान पहले समस्या उठाने को लेकर भाकियू जिला प्रवक्ता हिम्मत सिंह और भाकियू संघर्ष के जिलाध्यक्ष कोहित तोमर के बीच नोकझोंक होने लगी।
हालांकि थोड़ी देर बाद मामला शांत हो गया। इसके उपरांत बैठक में किसानों ने बामनौली में चकबंदी प्रक्रिया की समस्या का समाधान कराने की मांग की। इसके अलावा खेतों में फसल बर्बाद करने वाले गोवंशों को पकड़वाने की मांग की। साथ ही बालैनी गांव में कर्ज से तंग आकर आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की।
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बिजली लाइन घूमाकर फौजी के खेत में गाड़ दिए दो खंभे
किसान बैठक में पहुंचे सरूरपुरकलां गांव के फौजी प्रवेंद्र ने बताया कि उसकी तैनाती विशाखापट्टनम में है और माता पिता की मौत होने की वजह से पत्नी भी साथ रहती है। उसके गांव के जंगल में एक बीघा जमीन है, जिस पर ऊर्जा निगम ने दो खंभे गाड़ दिए। आरोप है कि बिजली लाइन सीधे ले जाने के बजाय घुमाकर उसके खेत में दो खंभे गाड़े गए, जबकि आसपास के किसानों के खेतों को बचा दिया गया। इसकी शिकायत की गई तो अफसरों ने मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। समस्या का समाधान कराने के लिए अब वह छुट्टी लेकर गावं आया है।
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मकान की नीलामी कराकर करीबी को बेचने का आरोप लगाया
भाकियू नेता हिम्मत सिंह, इंद्रपाल चौधरी ने बताया कि बड़ौत के रहने वाले व्यक्ति ने वर्ष 2019 में एक बैंक से ऋण लिया। ऋण जमा नहीं होने पर बैंक के अफसरों ने आरसी जारी करने के बाद नीलामी करा दी और महंगी कीमत का मकान अपने करीबी को कम दामों में बेच दिया। जबकि वर्ष 2015-16 में ऋण लेकर जमा नहीं करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बैंक के अफसरों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
बकाया गन्ना भुगतान और गांवों में सफाई कराने की मांग उठाई
भाकियू संघर्ष के पदाधिकारियों ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में मलकपुर मिल पर किसानों का बकाया गन्ना भुगतान जल्द कराने, पुसार गांव में साफ-सफाई नहीं होने, बड़ौत में चरण सिंह काॅलोनी में मुख्य मार्ग पर जलभराव की समस्या उठाते हुए समाधान कराने की मांग की। उन्होंने 40 रुपये गन्ना मूल्य बढ़ाने की भी मांग की।