संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कलक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण तथा जिला गंगा समिति की बुधवार को बैठक हुई। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि फैक्टरी की चिमनियों पर नजर रखी जाए और मानक के अनुसार चिमनी नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों और विद्यालय परिसरों की चहारदीवारी के निकट पौधरोपण किया जाए। बांस, अर्जुन और जामुन के पौधे लगाए जाएं, ताकि पर्यावरण को बढ़ावा मिल सके। मंदिरों के निकट नवग्रह वाटिका विकसित की जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण को धार्मिक आस्था के साथ जोड़ा जा सके और लोगों में जागरूकता बढ़े।
कहा कि कई स्थानों पर खाद के गड्ढों में पौधे लगाएं और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
कूड़ा कचरा जमा होने वाले स्थानों की पहले प्राथमिकता से सफाई कराई जाए। डीएम ने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में चल रही फैक्टरी की चिमनियों की जांच की जाए और यदि कहीं मानक उल्लंघन पाया तो जुर्माना लगाकर कार्रवाई करें। उन्होंने जिले में वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा के जल का संरक्षण किया जा सकें। उन्होंने गन्ने की पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ बृजेंद्र शुक्ल, प्रभागीय वन अधिकारी विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।