- सहारनपुर, मुरादाबाद और मेरठ मंडल के किसान पहले तीन स्थान पर काबिज
- सूबे में पहले स्थान पर बागपत और दूसरे स्थान पर शामिल रहा
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे सूबे के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने कर्ज चुकाने में हिम्मत दिखाई है। जिला सहकारी बैंकों और समितियों से लिए गए ऋण का 95.23 प्रतिशत चुकता कर बागपत के किसान सूबे में पहले पायदान पर रहे। सहारनपुर मंडल पहले, मुरादाबाद दूसरे और मेरठ मंडल ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
सहकारी बैंक और समितियों से किसानों को ऋण वितरित किया जाता है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक देवेंद्र सिंह ने बताया कि एक जुलाई 2019 से 31 जुलाई 2020 तक के ऋण की वसूली की समीक्षा में पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों ने बाजी मारी है। बागपत की 36 सहकारी समितियों से जुड़े किसानों ने 95.23 प्रतिशत कर्ज को लौटा दिया। जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। पूर्वांचल के फतेहपुर जिले के किसानों ने सिर्फ 0.07 प्रतिशत ऋण की अदायगी की है और वह प्रदेश में सबसे आखिरी पायदान पर है। हरदोई सबसे कम वसूली के जिलों में दूसरे और बलिया तीसरे स्थान पर है।
इन जिलों का रहा दबदबा
जिला प्रतिशत
बागपत 95.23
शामली 92.84
बिजनौर 92.65
मुजफ्फरनगर 91.58
अमरोहा 88.49
इन जिलों में कम वसूली
जिला प्रतिशत
फतेहपुर 0.07
हरदोई 0.14
बलिया 0.15
सिद्धार्थनगर 0.18
कुशीनगर 0.57
सहारनपुर मंडल का दबदबा
मंडल प्रतिशत
सहारनपुर 86.19
मुरादाबाद 85.33
मेरठ 85.23
मिर्जापुर 67.44
झांसी 59.91