एससी महिला के आरक्षित जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार लगा रहे गुणा-भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नए सिरे से आरक्षण जारी होने से दिग्गजाें के साथ कई दावेदारों के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। कई भावी उम्मीदवारों के अरमानों पर पानी फिर गया है। सबसे बड़ा झटका जिला पंचायत अध्यक्ष पद तक पहुंचने के सपने देख रहे दिग्गजों को लगा है। यह पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। जबकि पिछड़े वर्ग से कई दिग्गज जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपनी किस्मत आजमाने को तैयार थे। अब ऐसे लोग अपने अनुसूचित जाति के करीबियों को चुनावी मैदान में उतारने की जुगत लगा रहे हैं।
बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर लगातार तीन बार विधायक योगेश धामा के परिवार का कब्जा रहा। उनकी पत्नी रेनू धामा निवर्तमान अध्यक्ष हैं। जबकि इससे पहले खुद योगेश धामा और उससे पहले रेनू धामा इस पद पर रहीं। लेकिन इस बार यह पद किसी दूसरे परिवार के कब्जे में जाना तय हो गया है।
सांसद के गांव में बनेगी एससी प्रत्याशी की सरकार
इस बार सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के गांव बासौली में ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया। 2015 में यह पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। 2010 में अनारक्षित था। गांव में पिछड़े वर्ग के वोट करीब 84.12 फीसदी है।
विधायक योगेश धामा के गांव में प्रधान का पद अनारक्षित
बागपत विधायक योगेश धामा के गांव मवीकलां में प्रधान पद इस बार अनारक्षित है। इस गांव में भी पिछड़ा वर्ग के वोटर पूरी तरह से निर्णायक की स्थिति में हैं। यहां पिछड़ा वर्ग की वोट 81 फीसदी हैं। 2015 में यहां प्रधान पद पिछड़ा वर्ग और 2010 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था।
राज्यपाल के गांव में अनुसूचित जाति का होगा प्रधान
मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के गांव हिसावदा में ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। यहां अनुसूचित वर्ग के मतदाता करीब 19 फीसदी हैं। जबकि पिछड़ा वर्ग के मतदाता 37 फीसदी हैं। 2015 में यह पद महिला के लिए आरक्षित था। 2010 में अनारक्षित था।
छपरौली विधायक के गांव में पिछड़ा वर्ग से होगा प्रधान
छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह के गांव रमाला में इस बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। वर्ष 2015 में यह पद अनारक्षित था। 2010 में यह पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। गांव में पिछड़ा वर्ग के मतदाता करीब 74 फीसदी हैं।