खेकड़ा मे घेवर तैयार करता हलवाई
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खेकड़ा। सावन महीने की पारंपरिक मिठाई घेवर की रक्षाबंधन व तीज पर्व के पास आते ही मांग बढ़ने लगी है। इसके साथ ही लोगों की पसंद को देखते हुए घेवर अब कई फ्लेवर में तैयार हो रहा है। लोगों की जिस तरह की मांग होती है, उसके अनुसार आर्डर पर घेवर तैयार भी किया जा रहा है। खेकड़ा नगर के बाजार में सभी मिष्ठान की दुकानों पर घेवर तैयार हो रहा है और लोग उसका स्वाद चखकर खूब आनंद भी ले रहे है।
मौसम के अनुसार ही लोग मिठाई व पकवानों का स्वाद लेते है। ऐसे ही सावन में मिठाईयों में लोगों की सबसे पहली पसंद घेवर होता है। सावन शुरू होने के बाद खेकड़ा के बाजार में मिष्ठान की दुकानों पर मांग को देखते हुए घेवर ही सबसे ज्यादा तैयार हो रहा है। इनमें कम मीठे वाला घेवर, सादा घेवर, मावे वाला घेवर के अलावा मलाई वाला घेवर, चाकलेट घेवर, ड्राई फ्रूट घेवर तैयार किया जा रहा है। प्रतिष्ठान मालिक विनोद गुप्ता, भूपेश गुप्ता आदि ने बताया कि जितनी अच्छी बरसात व नमी होगी, घेवर व फैनी भी उतनी ही अच्छी बनेगी। उनके अनुसार सावन में लोग इनका खूब स्वाद लेते है। हलवाई मुकेश कुमार ने बताया कि घेवर भी समय के साथ कई तरह के बनने लगे हैं। पहले घेवर मैदे में पानी डालकर घोल तैयार करके बनाया जाता था, वहीं अब स्वाद बढ़ाने के लिए मैदा का घोल बनाते समय पानी की जगह दूध मिलाया जाता है। दूध मिलाकर तैयार किए गए मैदा के घोल से बनने वाले घेवर का स्वाद काफी अलग होता है। इसके अलावा केसरिया घेवर को मावा व केसर से तैयार किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि केसरिया घेवर अन्य के मुकाबले ज्यादा दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा मलाई घेवर को बनाने में खोए का इस्तेमाल किया जाता है। इन घेवरों में कई तरह के मेवा आदि डाले जाते है, जिससे घेवर का स्वाद बढ़ जाता है। प्रतिष्ठान मालिक चेतन चंदेला ने बताया कि लोग सबसे ज्यादा कम मीठे वाला घेवर पसंद कर रहे है और वह सबसे ज्यादा बिक रहा है। वहीं चाकलेट घेवर को आर्डर पर तैयार किया जाता है। उसको पहले बनाकर ज्यादा समय तक रखा नहीं जा सकता है, इसलिए आर्डर पर तैयार होता है।