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एकजुट होकर पेंशन हित में काम करने वाले सरकार को चुनेगें कर्मचारी

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एकजुट होकर पेंशन हित में काम करने वाली को सरकार चुनेंगे कर्मचारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। विधानसभा चुनाव के पहले राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा गरमाया है। कर्मचारी इस मुद्दे पर लगभग 17 साल से संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जो प्रत्याशी व सरकार पेंशन हित में काम करेगी, कर्मचारी उसे ही चुनेंगे।
रिटायर कर्मियों को ख्याल रखे
विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन अब संगठित हो गए हैं। कर्मचारियों व रिटायर कर्मचारियों से एकजुट होकर पेंशन हित में काम करने वाली सरकार को चुनने की अपील की जा रही है।
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सामाजिक सुरक्षा जरूरी
विद्युत मजदूर पंचायत के जिला सचिव सुरेंद्र तोमर का कहना है कि प्रदेश में 2005 से राज्य कर्मियों की पेंशन समाप्त कर दी गई है। पहले रिटायरमेंट के समय के वेतन की आधा धनराशि की सीमा तय थी। नए नियम से काफी संख्या में कर्मियों की पेंशन 900 रुपये प्रतिमाह के आसपास बनी। इसलिए पुरानी पेंशन बहाली व सामाजिक सुरक्षा देना जरूरी है।
इलाज की कैशलेस सुविधा मिले
सहायक वन कर्मचारी संघ लखनऊ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद मेरठ मंडल मेरठ के अध्यक्ष रविकांत चौधरी का कहना है कि आज जब चुनाव के वक्त फिर मुद्दा गरमा रहा है। भावनाओं से खेलने वालों को पहचान कर सरकार बनाने में भूमिका निभानी होगी। उन्होंने रिटायर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने की भी मांग उठाई।
सरकार पेंशन बहाल करे
विद्युत मजदूर पंचायत के मंडल सचिव आरिफ चौहान का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली मुद्दा बहुत अहम है। प्रदेश में कर्मचारी, शिक्षक संगठन लंबे समय से आंदोलित हैं। कर्मचारी, शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार को तत्काल पेंशन बहाली मुद्दे पर निर्णय लेना ही चाहिए।
सेवानिवृतों का दर्द बांटे
राज्य विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ के सदस्य बूलचंद का कहना है कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के लिए बहुत जरूरी है। यह कर्मचारियों की जायज मांग है। इसे सरकार को पूरा करना चाहिए। रिटायर कर्मचारी वर्ग का दर्द बांटने वाले नेताओं को चुनने की मुहिम चलाई जा रही है।
सरकार जिम्मेदारी समझे
विद्युत संघर्ष संयुक्त समिति के सदस्य प्रवेश गिरि का कहना है कि पुरानी पेंशन हर कर्मचारी का अधिकार है। इस ओर ध्यान जरूर दें। कहा कि विधायक व जनप्रतिनिधियों को पांच साल के कार्यकाल में भारी भरकम पेंशन मिलती है। यह ध्यान देना सरकार की जिम्मेदारी है।
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राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जनपद सचिव गुलशन कुमार कन्नौजिया का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है और जब तक पुरानी पेंशन बहाली की मांग पूरी नहीं हो जाती, संघर्ष जारी रहेगा। इसलिए जो प्रत्याशी पुरानी पेंशन बहाली की मांग प्रमुखता से उठाएगां, उसे ही कर्मचारी अपना विधायक चुनेगें।
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