बड़ौत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आवंटित किए जाने वाले चुनाव निशान ग्रामीण परिवेश की याद दिलाएंगे। घरों में जिन संसाधनों का प्रचलन कम हो गया हैं, उनसे में भी युवा पीढ़ी को रूबरू होने का अवसर प्राप्त होगा। इस बार अनाज की कुटाई करने वाली ओखली, बच्चों के खेल गिल्ली डंडा, रेडियो, टेलीफोन आदि चुनाव निशान शामिल हैं।
पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच चुनाव आयोग ने 164 चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। प्रधानी चुनाव के चुनाव चिह्न का उपयोग जिला पंचायत में नहीं किया जाएगा। इस बार के पंचायत चुनाव के लिए सबसे ज्यादा 57 चुनाव चिह्न प्रधानी के लिए दिए गए हैं। इसमें गले का हार, घंटी, चारपाई, कार, गदा, त्रिशूल, दरवाजा, चूड़ियां आदि हैं। इसी तरह से जिला पंचायत के लिए 53 चिह्न आवंटित किए गए हैं। इसमें मछली, रेडियो, थरमस, स्कूटर, सैनिक, टेलीविजन, लाउडस्पीकर, पिस्टल और टेलीफोन हैं। इसी तरह से क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए गुल्ली-डंडा, तलवार, नारियल, पतंग, प्रेस, टेबिल फैन, चिड़िया का घोंसला, गेंद और हाकी, स्लेट और शहनाई समेत 36 चिह्न आवंटित किए गए हैं। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए ओखली, फरसा, केला, घड़ा, डमरू, शंख और नल समेत 18 चिह्न दिए गए हैं।
164 चिंह पर आयोग ने लगाई मोहर
बड़ौत। उप सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्र ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 164 चुनाव चिन्ह जारी किया है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के प्रत्याशी को अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।