रालोद ने बागपत लोकसभा सीट पर विधानसभावार अपने विधायकों, पूर्व मंत्री व चेयरमैन को चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है। यह सभी गुरुवार से एक सप्ताह के लिए विधानसभा के अनुसार मैदान में उतर गए हैं और हर गांव में जाकर वोटरों को साधने का काम करेंगे। इन सभी को विधानसभा के अनुसार भी ऐसे लगाया गया है, जहां उनकी बिरादरी की वोट ज्यादा है और उनका किसी न किसी तरह से जुड़ाव है।
इस तरह लगाई चुनावी फील्डिंग
रालोद के हस्तिनापुर क्षेत्र अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने पत्र जारी कर दिया है, जिसमें बड़ौत विधानसभा में शामली विधायक प्रसन्न चौधरी व पूर्व विधायक डा. अजय तोमर को लगाया है। छपरौली विधानसभा में छपरौली विधायक प्रो. अजय कुमार, थानाभवन विधायक अशरफ अली, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बागपत विधानसभा में खतौली विधायक मदन भैया, सादाबाद विधायक प्रदीप कुमार गुड्डू, पूर्व विधायक दिलनवाज खान, चेयरमैन लोनी मनोज धामा को जिम्मेदारी मिली है।
सिवालखास विधानसभा में सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद, पूर्व मंत्री डा. मेहराजुद्दीन, पूर्व विधायक विनोद हरित, प्रदेश महासचिव डा. सुशील कुमार को लगाया गया। मोदीनगर विधानसभा में खतौली विधायक मदन भैया, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, लोनी चेयरमैन मनोज धामा को उतारा गया।
रालोद के प्रचार से भाजपा के स्थानीय नेता गायब
रालोद का भाजपा के साथ गठबंधन जरूर हुआ है, लेकिन उनके दिल मिलते नहीं दिख रहे हैं। जहां संयुक्त बैठक में मोदी व योगी की जय नहीं बोलने को लेकर हंगामा हो गया था।
वहीं भाजपा नेता अब कार्यक्रमों में दिखाई नहीं देते है तो रालोद ने अपने पोस्टरों व अन्य जगह प्रचार से भाजपा के स्थानीय नेताओं को गायब कर दिया है। रालोद नेताओं की तरफ से पोस्टर बांटे जा रहे हैं तो उनमें केवल मोदी व योगी का फोटो दिख रहा है। उसके अलावा स्थानीय मंत्री, विधायक, जिलाध्यक्ष सभी को बाहर रखा गया है।