दावेदारों का झटका, अब अगले साल ही नई सरकार
बागपत। कोरोना महामारी के चलते पंचायत चुनाव अगले साल होंगे। तैयारियों में जुटे संभावित प्रत्याशियों को जोर का झटका लगा है। संशय यह है कि कोरोना संक्रमण नहीं थमा तो कहीं छह माह बाद फिर से चुनाव पीछे न हटा दिए जाए।
जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत चुनाव की तैयारियों में प्रत्याशी जोर-शोर से जुटे थे। प्रचार चल रहा था। संभावित प्रत्याशी अपनी-अपनी दावेदारी को आमजन के बीच पहुंचकर मजबूत करने में जुटे थे। देहात क्षेत्र में चुनाव का माहौल बन रहा था, लेकिन कोरोना के कारण अब चुनाव करीब छह माह पीछे हट जाने की संभावनाओं से तैयारी में जुटे संभावित प्रत्याशियों को जोर का झटका लगा है। अब गांव में अगले साल ही नई सरकार बनेगी।
जिले में शुरू हो गया था खून-खराबा
बागपत। पंचायत चुनाव के एलान से पहले ही जिले में खून-खराबे का दौर भी शुरू हो गया था। छपरौली क्षेत्र के कूड़ी गांव में कुख्यात परमवीर तुगाना पर हमला किया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा परमवीर तुगाना इस बार जिला पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटा था। पुलिस ने हत्या का खुलासा किया तो वजह जिला पंचायत की रंजिश बताई।
गांव-गली में पोस्टर, सोशल मीडिया पर बहस
बागपत। पंचायत चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। संभावित प्रत्याशियों ने गांव और गली में पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। सीओ जितेंद्र सरगम की पत्नी वंदन सरगम की दावेदारी के पोस्टर क्षेत्र में खूब चर्चा में रहे। सोशल मीडिया पर खूब बहस छिड़ रही है, लेकिन चुनाव के पीछे हटने के बाद नये सिरे से अपनी रणनीति तैयार करेंगे।