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कोरोना से बिगड़ गई शिक्षा की सेहत

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- आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए अब तक नहीं खुले स्कूल
- कैसे होती पढ़ाई, चार हजार 464 छात्र-छात्राओं के घर में नहीं मिला टीवी
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कोरोना काल में शिक्षा की सेहत पूरी तरह बिगड़ गई। ऑनलाइन पढ़ाई के प्रयास जरूर हुए, लेकिन परवान नहीं चढ़ सकें। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के पास टीवी और स्मार्टफोन नहीं होने से वर्चुअल कक्षाओं का लाभ धरातल तक नहीं पहुंचा। माध्यमिक स्कूलों के लिए कराए गए सर्वे के मुताबिक कक्षा नौ से 12 तक जिले में चार हजार 764 छात्र-छात्रा ऐसे हैं, जिनके घर में टीवी भी नहीं है। ऐसे में टीवी पर चलने वाली कक्षाओं का लाभ भी नहीं मिल सका। पंचायत घर के अलावा स्कूलों में ड्रॉप बॉक्स के जरिए पढ़ाई की योजना जिले में धरातल पर उतरती नहीं दिखी है।
शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ऊंचा किया नाम
बागपत। वर्चुअल पढ़ाई के लिए राजकीय हाईस्कूल सूप में गणित विषय की शिक्षिका छवि श्रीवास्तव, जीआईसी मवी कलां में गणित की शिक्षिका भावना, राजकीय हाईस्कूल बसौद में गृह विज्ञान की शिक्षिका आभा ने यू-ट्यूब के जरिए पढ़ाई कराई, जिससे लखनऊ तक सराहना मिली। इसके अलावा इन शिक्षिकाओं के एपिसोड टीवी पर भी प्रसारित किए गए। परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं के लिए कंपोजिट विद्यालय इदरीशपुर के शिक्षक विकास मलिक ने किताबों की पीडीएफ तैयार कर अभिभावकों को भेजी और पढ़ाई कराई।
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बोर्ड परीक्षा की तैयारियां हो रही प्रभावित
- श्री यमुना इंटर कॉलेज में 12वीं के छात्र गगन त्यागी का कहना है कि कोरोना के कारण कक्षाओं का सही तरीके से संचालन नहीं हुआ। प्रयोगात्मक कक्षाएं नहीं चलीं। परीक्षा की तैयारियां बेहतर माहौल में नहीं हो पा रही हैं।
- श्री यमुना इंटर कॉलेज में कक्षा 12 के छात्र आमिर का कहना है कि कोरोना के कारण बोर्ड परीक्षार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कत है। पहले सेलेबस का ही देर से पता चला। आधी पढ़ाई ऑनलाइन हुई है और अब ऑफलाइन पढ़ाई चल रही है।
ऑनलाइन पढ़ाई से मुश्किलें
- प्रयोगात्मक कक्षाओं का संचालन नहीं।
- खेल कैलेंडर कैंसिल कर दिया गया।
- स्कूली गतिविधियों का आयोजन नहीं।
- वार्षिकोत्सव का आयोजन नहीं हुआ।
- स्काउट गाइड/एनएसएस के कार्यक्रम नहीं हुए।
- पाठ्य सहगामी क्रियाएं स्कूलों में नहीं हुई।
ऑनलाइन पढ़ाई से हुए लाभ
- टॉपिक का कक्षा के बाद अध्ययन सुलभ
- छात्र-छात्राओं के समय की बचत।
- तकनीकि ज्ञान से बच्चें रूबरू हुए।
शिक्षण संस्था संख्या
प्राथमिक स्कूल 332
उच्च प्राथमिक 62
कंपोजिट 136
कस्तूरबा गांधी 02
सहायता प्राप्त माध्यमिक 71
वित्तविहीन माध्यमिक 52
राजकीय माध्यमिक 19
डिग्री कॉलेज 120
स्कूल छात्र/छात्राएं
बेसिक स्कूल 69000
ड्राप आउट 1300
माध्यमिक 70000
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विभाग
बागपत। बेसिक और माध्यमिक विभाग में शिक्षकों की कमी है। बेसिक स्कूलों में 210 शिक्षकों की जरूरत थी, लेकिन जिले को सिर्फ 90 शिक्षक मिले हैं। इनमें भी अभी सिर्फ 70 ने ही ज्वाइन किया है। माध्यमिक स्कूलों में भी स्टाफ कम है।
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यूपी बोर्ड में शिखर पर रिया जैन और अनुराग मलिक
बागपत। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजों में जिला पहले पायदान पर रहा। हाईस्कूल में हिलवाड़ी की रिया जैन ने 96.67 प्रतिशत अंक हासिल कर यूपी टॉप किया। बड़ौत के अनुराग मलिक ने 97 प्रतिशत के साथ इंटरमीडिएट में प्रदेश में टॉप किया है। दोनों ने बड़ौत के श्रीराम इंटर कॉलेज से पढ़ाई की।
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