बागपत। कोरोना संक्रमण के कारण दो साल तक स्कूल-कॉलेज बंद रहे। कोरोना के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से एप जारी कर किए गए। व्हाटसएप के अलावा ज्ञान गंगा, टेलीग्राम और दूरदर्शन के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया गया। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दीक्षा एप और रीड अलांग एप जारी कर बच्चों को पढ़ाया गया। इसके बावजूद भी छात्र पढ़ाई में पिछड़ गए। दो साल बाद स्कूल खुलने पर छात्रों की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई है। इसकी भरपाई करने के लिए छात्र ऑफलाइन क्लास के साथ-साथ एप का भी सहारा ले रहे है। छात्रों का कहना है कि समय कम है और यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही है, ऐसे में तैयारी करने के लिए विभाग के एप मदगार साबित हो रहे है।
स्कूल खुल गए है और पढ़ाई भी शुरू हो गई है। कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल बंद रहने से पढ़ाई प्रभावित हुई थी। पढ़ाई की भरपाई करने के लिए ऑफलाइन पढ़ाई के साथ एप का भी सहारा लिया जा रहा है। - शोभा
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कोरोना में स्कूल बंद होने पर एप ही शिक्षा का सहारा बने थे। अब ऑपलाइन पढ़ाई के साथ-साथ एप से भी पढ़ाई की जा रही है। एप परीक्षा की तैयारी में काफी कारगर साबित हो रहे है। - अंशिता
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कोरोना के दौरान दो साल तक स्कूल बंद रहने से पढ़ाई प्रभावित हुई थी। 26 अप्रैल से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है। परीक्षा की तैयारी करने के लिए ऑफलाइन पढ़ाई के साथ एप के माध्यम से भी तैयारी की जा रही है। - जितेद्र झा
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कोरोना के कारण स्कूल बंद रहे और परीक्षाएं भी नहीं हुई। स्कूलों में परीक्षा को लेकर रिविजन कराया जा रहा है, अतिरिक्त कक्षाएं भी चलाई जा रही है। ऑफलाइन पढ़ाई के दौरान आने वाली दिक्कतों का एप पर समाधान मिल रहा है। ऑफलाइन के साथ एप से भी परीक्षा की तैयारी की जा रही है। - आयुष