बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार किसी भी शिक्षक की ड्यूटी नहीं काटी जाएगी। उन्हें परीक्षा में ड्यूटी देनी होगी। परीक्षा में बहाना बनाने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों के अवकाश प्रार्थनापत्र स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। इसके लिए निदेशालय से भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। यदि किसी को गंभीर बीमारी है तो उन्हें सीएमओ से लिखवाकर लाना होगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से वर्ष 2025 की हाईस्कूल/इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च को समाप्त होगी। इस बार जिले में कुल 37 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि कुल 31 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। परिषदीय परीक्षाओं में अक्सर यह देखा गया है कि कतिपय प्रधानाचार्य, अध्यापक, केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक का कार्य नहीं करना चाहते हैं और ड्यूटी कटवाने के लिए बहाना बनाते है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
परिषद से भी आदेश जारी कर दिए गए हैं कि यदि कोई शिक्षक ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन करता है तो उसको स्वीकृत न किया जाए और ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सभी शिक्षकों को ड्यूटी करनी होगी। डीआईओएस धर्मेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि शिक्षकों की ड्यूटी नहीं काटी जाएगी और न ही उनके आवेदन स्वीकृत किए जाएंगे।
- सीएमओ से लाना होगा अस्वस्थता प्रमाणपत्र
शिक्षकों को सिर्फ केवल आपात स्थिति में ही मुख्य चिकित्साधिकारी से जारी अस्वस्थता प्रमाणपत्र के आधार पर ही इन्हें अवकाश मिल सकेगा। खास बात यह है कि विभाग की ओर से उसका परीक्षण भी कराया जाएगा। उद्देश्य यह है कि यूपी बोर्ड की परीक्षा का सफल संचालन हो सके। सीएमओ के प्रमाण पत्र के बाद ही शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा से मुक्त किया जाएगा।