बड़ौत। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर देशखाप के चौधरी के आवास पर किसानों की बैठक हुई। इसमें किसानों की ओर से बकाया गन्ना भुगतान न होने तक बिजली का बिल और बैंकों का कर्ज जमा न करने का ऐलान किया गया।
बैठक में बावली, छछरपुर, मलकपुर, जौहड़ी, वाजिदपुर, गुराना, लौहड्डा आदि सहित दर्जनों गांव के किसानों ने भाग लिया। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह और चेयरमैन धर्मेंद्र तोमर ने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान न होने पर किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को न तो प्रदेश सरकार मिल मालिकों से भुगतान दिला पा रही है और न ही केंद्र सरकार।
किसानों ने दोनों सरकारों पर मिल मालिकों से मिलीभगत का भी आरोप लगाया। बैठक मेें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होता, तब तक किसान न तो बिजली का बिल जमा करेंगे और न ही बैंकों का कर्ज चुकाएंगे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी विभाग के अधिकारी गांव मेें किसानों से उगाही करने आते है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
बैठक की अध्यक्षता देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह व संचालन गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन धर्मेंद्र तोमर ने किया। रविंद्र, शैलेंद्र तोमर, अशोक भूत आदि शामिल रहे।
उधर, किसान मंच मलकपुर के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मलकपुर चीनी मिल की कुर्की होने के बावजूद चल रहे मरम्मत कार्य को रुकवाए जाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, इस संबंध में उप जिलाकारी दीपाली कौशिक का कहना था कि पुलिस क्षेत्राधिकारी बड़ौत को निर्देश दिए है कि वे मौके पर जाकर मिल में हो रहे कार्य को रुकवाएं।