बागपत के ढ़िकौली गांव से रहस्यमय ढंग से लापता हुआ सिपाही रविंद्र ढाका मंगलवार की देर शाम नाटकीय ढंग से पुलिस के पास पहुंच गया। वह कहां था और किसके पास था? इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस उससे पूछताछ करने में लगी हुई है। क्षेत्र में चर्चा चल रही है कि फिरौती की रकम मिलने के बाद ही रविंद्र को बदमाशों ने छोड़ा है।
ढिकौली निवासी दिल्ली पुलिस का सिपाही रविंद्र ढ़ाका सोमवार सुबह करीब नौ बजे अपने मकान के पास से ही रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। परिजनों को भी तब पता चला था जब उसके बड़े भाई सुधीर के पास उसके ही मोबाइल से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। घटना को लेकर पुलिस अफसर काफी टेंशन में थे।
पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हुई थी। सर्विलांस से फिरौती वाला फोन गाजियाबाद के लोनी से आने का खुलासा हुआ था। इसे देखते हुए बागपत पुलिस ने गाजियाबाद और दिल्ली क्षेत्र में डेरा डाल दिया था और रविंद्र की बरामदगी के प्रयास किए थे। मगर, सफलता नहीं मिली थी।
उधर, परिजनों की बैचेनी भी बढ़ती जा रही थी। पुलिस अभी सिपाही को तलाश कर ही रही थी कि मंगलवार की देर शाम वह खुद ही पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस अफसर उससे जानकारी करने में लगे हुए है। उसे कौन और कहां पर लेकर गया? इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। एसपी रवि शंकर छवि का कहना है कि सिपाही रविंद्र आ गया है। उससे जानकारी की जा रही है। उसी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
उधर, जैसे ही लोगों को पता चला कि सिपाही राहुल खुद ही आया है। तभी चर्चा चल गई कि बदमाशों ने फिरौती की रकम वसूलने के बाद ही उसे छोड़ा है। हालांकि इस बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं है।
खेकड़ा रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था सिपाही
बागपत। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि जानकारी मिली थी कि सिपाही रविंद्र खेकड़ा रेलवे स्टेशन पर है। वहां पर पुलिस टीम भेजी गई, जो सिपाही रविंद्र को लेकर थाने पहुंची है। उधर, कुछ लोगों का कहना है कि सिपाही रविंद्र सीधे अपने घर पहुंचा है। उसके बाद पुलिस को इस बारे में जानकारी दी गई। बाद में पुलिस टीम उसे अपने साथ लेकर गई है।
खुद को बीमार बता रहा सिपाही
बागपत। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सिपाही रविंद्र खुद को बीमार बता रहा है। घटना के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे पा रहा है।