ये बोले किसान
मैंने निजी नलकूप कनेक्शन लेते समय विभाग द्वारा बनाएं गए स्टीमेंट के तहत पूरी धनराशि जमा करा दी थी, लेकिन आज भी ऐसी बहुत सी सामग्री है जो विभाग ने नहीं दी
-ऋषिपाल, निवासी फतेहपुर पुट्ठी
वापस हो धनराशि, नहीं तो होगा आंदोलन
बड़ौत। किसानों का लगातार शोषण किया जा रहा है, प्रदेश सरकार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही। न तो किसानों का बकाया गन्ना भुगतान हो रहा है और न ही फसलों का उचित मुआवजा मिल रहा है, ऊपर से ऊर्जा निगम की मनमानी बढ़ रही है। यह कतई सहन नहीं होगा। या तो ऊर्जा निगम किसानों से वसूली गई धनराशि वापस कर दें, अन्यथा जल्द ही आंदोलन शुरू होगा
-राजेंद्र चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू
स्टोर को देनी चाहिए सामग्री
स्टोर से किसानों को सामग्री दी जाती है। उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। यदि सामग्री की कीमत ली गई है तो उसे देना चाहिए।
-अधिशासी अभियंता प्रथम
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यह जिम्मेदारी वितरण खंड अधिकारियों की
स्टोर से नट-बोल्ट व क्लैंप नहीं दिए जाते, यह जिम्मेदारी विद्युत वितरण खंड के अधिकारियों की होती है। -दीपांश कुमार, सहायक अभियंता
जनपदों का नाम नलकूपों की संख्या
बागपत 500
मेरठ 1350
गाजियाबाद 450
नोएडा 600
हापुड 500
बुलंदशहर 930
मुरादाबाद 1100
बिजनौर 700
रामपुर 650
संभल 1100
अमरोहा 1100
मुजफ्फरनगर 600
शामली 590
सहारनपुर 1020