बागपत। डौला गांव में सीएचसी बनाने के लिए शासन से स्वास्थ्य विभाग को हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा। फैजपुर-निनाना गांव में पीएचसी बनाई जा रही है। अभी दो सीएचसी और चार पीएचसी को भी जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
जनपद में जिला अस्पताल के अलावा आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। उसके बाद भी कुछ गांव ऐसे हैं, जिनके आसपास सरकारी अस्पताल नहीं है। वहां रहने वाली जनता को इलाज के लिए दूर अस्पताल में जाना पड़ता है या प्राइवेट चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। अधिकांश गांवों में झोलाछाप चिकित्सक मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं। इसी को देखते हुए जनपद के अफसरों ने डौला, लूंब और गौना गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा ढिकौली, टांडा, बसौद और असारा गांव में पीएचसी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
स्वास्थ्य विभाग में बिल्डिंग की देखरेख करने वाले जूनियर इंजीनियर आदित्य शर्मा ने बताया कि डौला गांव में सीएचसी को मंजूरी मिल गई है। उसका जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। फैजपुर-निनाना में पीएचसी का काम शुरू हो गया है। अन्य सीएचसी और पीएचसी का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही उनका भी काम शुरू हो जाएगा।
इन स्थानों पर है सीएचसी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, पिलाना, खेकड़ा, सरूरपुर में सीएचसी पर मरीजों का उपचार होता है। टीकरी कस्बे में सीएचसी का निर्माण चल रहा है।