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डॉक्टरों की हड़ताल से बढ़ा मरीजों का दर्द

Thu, 15 Sep 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत-बड़ौत-खेकड़ा
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बड़ौत सीएचसी पर धरना देतीं आशाएं और एएनएम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की हालत बिगड़ गई। लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। मरीज डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनका उपचार नहीं किया। मजबूर होकर उन्हें प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार कराया। 
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बुधवार से स्वास्थ्य विभाग में तैनात जिले के सभी संविदा पर तैनात डॉक्टर समेत अन्य कर्मचारी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों की हड़ताल होने से मरीजों की हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए मरीज डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाते हुए नजर आए। यह ही नहीं अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी प्रेमलता पत्नी प्रताप बेहोश होकर सीएचसी परिसर में गिर गई। महिला के बेहोश होने से सीएचसी में हड़कंप मच गया।

वह डॉक्टरों से उपचार करने की गुहार लगा रही थी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में महिला को लोगों के सहयोग से उठवाकर भर्ती कराया। जहां उन्होंने खुद ही उनका उपचार किया। यह ही नहीं दिनभर स्वास्थ्य केंद्रों में मरीज भटकते नजर आए। केंद्रों में भारी भीड़ रही। इसको लेकर सीएचसी में मरीजों के साथ तिमारदारों ने हंगामा किया।
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डॉक्टरों की हड़ताल खत्म करने की मांग की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। लोगों ने मजबूर होकर प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार करवाया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा स्टाफ की कमी के कारण उन्हें परेशानी हुई। उधर, संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को बुधवार को रालोद ने समर्थन दिया। मंडल महासचिव ओमबीर ढाका ने सरकार से कर्मचारियों की मांगे पूरी करने की मांग की।  

बड़ौत। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मांगों को लेकर बुधवार को बड़ौत सीएचसी परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा जब तक  मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।  बुधवार को काफी संख्या में कर्मचारी सचिन के नेतृत्व में सीएचसी में पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

धरना स्थल पर आयोजित बैठक में सचिन ने कहा किसी भी कीमत पर संघ के कर्मचारियों का शोषण बर्दास्त नहीं किया जाएगा। संघ कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलित है और आगे भी मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया नियमित नियुक्तियों मेें संविदा कर्मियों को शीर्ष वरीयता देकर समायोजित करने, समान कार्य समान वेतन एवं एचआर पॉलिसी को लागू करने, उप्र शासन द्वारा रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को लागू कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, भविष्य में आउट सोर्सिंग भर्ती लागू करने, निश्चय मानदेय एवं कर्मचारियों का दर्जा देने और एनएचएम से निष्कासित एमपीडब्लू की सेवाएं बेहाल करने आदि मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की।

धरने पर डॉ. राम कुमार शर्मा, डॉ. श्रवण गोस्वामी, डॉ. आंसु बंसल, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. संजय ढाका, आस मोहम्मद, सुधीर, गौरी शंकर, अमर सिंह, वर्षा, दीपा, प्रमिता शर्मा, बबीता, रचना, शीबा, प्रवीण, कविता, शोभा, शिवकुमार, विकास, अरुण कुमार, सीमा, मधुबाला, आंसू चौहान आदि रहे।

खेकड़ा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। सीएचसी परिसर में धरना दिया। इसके चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।  एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी पांच सितंबर से नियमितीकरण, समान कार्य समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर गत कुछ दिनों से लखनऊ के लक्ष्मण झूला मैदान में धरना दे रहे हैं।

संघ के आह्वान पर बुधवार को खेकड़ा सीएचसी परिसर में एनएचएम संघ से जुडे़ संविदा कर्मियों ने मांगों को लेकर दिन भर धरना दिया।  इसमें बीपीएम रूपेंद्र शर्मा, सचिन शर्मा, बिमलेश देवी, डॉ. गौरव वर्मा, डॉ. दीप्ति मलिक, डॉ. साजिया खान, संदीप संधु, पंकज जोशी, संजय ठाकुर, नफीस खान, दीपा, सविता यादव, कविता परवालिया, शिवशरण आदि रहे।  
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